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युवा उद्यमी ओम प्रकाश गिरि ने अध्यात्म की राह पर बढ़ाए कदम: मौनी बाबा समाधि स्थल समेत 11 मंदिरों का करा रहे भव्य निर्माण|...

कहते हैं कि जब सफलता के शिखर पर पहुँचकर कोई व्यक्ति अपनी जड़ों और संस्कृति की ओर लौटता है, तो वह समाज के लिए एक नई मिसाल बन जाता है। दिल्ली बेस्ड प्रमुख व्यावसायिक और सामाजिक हलकों में एक जाना-माना नाम बन चुके युवा व्यवसायी ओम प्रकाश गिरि  इन दिनों कुछ ऐसा ही कर रहे हैं। व्यापार जगत में अपनी धाक जमाने और एक संपन्न जीवन जीने के बाद, अब उनका झुकाव पूरी तरह से धर्मार्थ कार्यों और सनातन धर्म की सेवा की ओर हो गया है।

इस आध्यात्मिक यात्रा की सबसे खूबसूरत तस्वीर उनके पैतृक निवास स्थान नथईपुर, मठिया, भदोही में देखने को मिल रही है, जहां वे ‘मौनी बाबा’ की एक भव्य समाधि स्थल का निर्माण करवा रहे हैं। केवल यही नहीं, ओम प्रकाश गिरि  की योजना इस पूरे क्षेत्र की धार्मिक चेतना को जागृत करने की है, जिसके तहत वे आसपास के इलाकों में 10 और मंदिरों का निर्माण करा रहे हैं। मंदिरों के निर्माण का संकल्प लेकर वे सनातन संस्कृति को धरातल पर मजबूत करने में जुटे हैं।

जाति-पाति से ऊपर, ‘मनुष्यता’ ही धर्म

आज के दौर में जहां धर्म को अक्सर राजनीतिक या जातिगत चश्मे से देखा जाता है, वहीं ओम प्रकाश गिरि  का दृष्टिकोण पूरी तरह से अलग और प्रेरणादायक है। वे सनातन धर्म को किसी संकीर्ण दायरे या जातिगत प्रभाव के तौर पर नहीं देखते, बल्कि उनके लिए धर्म का सीधा मतलब ‘मनुष्यता’ (मानवता) है। उनके करीबियों का कहना है कि ओम प्रकाश जी का मानना है कि जो धर्म इंसान को इंसान से अलग करे, वह सनातन हो ही नहीं सकता। उनके द्वारा बनवाए जा रहे मंदिरों के द्वार हर वर्ग, हर जाति और हर तबके के इंसान के लिए समान रूप से खुले रहेंगे। वे धर्म को लोक-कल्याण, सेवा और समाज को एक सूत्र में पिरोने वाले माध्यम के रूप में देखते हैं।

जड़ों से जुड़ने की अनूठी मिसाल

आमतौर पर देखा जाता है कि महानगरों की चकाचौंध में खोने के बाद लोग अपने पैतृक गांवों को भूल जाते हैं। लेकिन ओम प्रकाश गिरि ने दिल्ली में रहते हुए भी अपनी मिट्टी का कर्ज नहीं भुलाया। उनके पैतृक स्थान पर बन रहा मौनी बाबा समाधि स्थल न केवल उस क्षेत्र के लिए आस्था का एक बड़ा केंद्र बनेगा, बल्कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। एक युवा व्यवसायी के रूप में उनकी यह पहल देश के अन्य सफल युवाओं के लिए भी एक संदेश है कि भौतिक तरक्की के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को सहेजना कितना जरूरी है।

समाज सेवा और धर्म का संगम

अध्यात्मिक नजरिए से देखें तो ओम प्रकाश गिरि  का यह कदम सिर्फ ईंट-पत्थरों के ऊंचे ढांचे खड़े करना नहीं है, बल्कि समाज में एक सकारात्मक बदलाव की नींव रखना है। इन 11 मंदिरों के निर्माण के साथ-साथ वे आसपास के क्षेत्रों में कई सामाजिक और धर्मार्थ कार्य भी चला रहे हैं, ताकि शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवा का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंच सके।

एक सफल कॉर्पोरेट लाइफ से निकलकर अध्यात्म और लोक-कल्याण के इस मार्ग पर चलना यह साबित करता है कि ओम प्रकाश गिरि  के लिए संपत्ति का असली मूल्य दूसरों के जीवन में प्रकाश लाना है। आने वाले समय में उनका सराहनीय प्रयास उस पूरे क्षेत्र की पहचान बदलने जा रहा है।

 

युवा उद्यमी ओम प्रकाश गिरि  ने अध्यात्म की राह पर बढ़ाए कदम: मौनी बाबा समाधि स्थल समेत 11 मंदिरों का करा रहे भव्य निर्माण|

विजय यादव निर्देशित प्रेम सिंह और रक्षा गुप्ता की भोजपुरी फिल्म ‘जोरू का गुलाम’ का ट्रेलर ट्रेंडिंग में...

फ़िल्म निर्माता से निर्देशक बने विजय यादव के कुशल निर्देशन में तैयार हुई बहुप्रतीक्षित भोजपुरी फिल्म ‘जोरू का गुलाम’ का धमाकेदार ट्रेलर आखिरकार दर्शकों के बीच आ गया है। रिलीज होते ही इस ट्रेलर ने ऑडियंस के बीच जबरदस्त धूम मचा दी है। सुर म्यूजिक वर्ल्ड प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रस्तुत और सुरिंदर यादव द्वारा निर्मित इस पारिवारिक और मनोरंजक भोजपुरी फिल्म का ट्रेलर ‘सुर म्यूजिक’ के यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया है। फिल्म का कुशल निर्देशन जाने-माने निर्देशक विजय यादव ने किया है, जबकि इसके सह-निर्माता महेन्द्र यादव हैं।

इस फिल्म में मुख्य भूमिका में लोकप्रिय अभिनेता प्रेम सिंह और खूबसूरत अदाकारा रक्षा गुप्ता नजर आ रहे हैं। इसके अलावा फिल्म के मुख्य कलाकारों में विनोद मिश्रा, मनोज द्विवेदी, कंचन मिश्रा, अनीता रावत, स्वीटी सिंह, अनीता ओझा, प्रियंका शर्मा और बबलू लाल जैसे मंझे हुए कलाकार अपनी अदाकारी का जलवा बिखेरते दिखेंगे। फिल्म का संगीत भी बेहद खास है, जिसे सुनील झा और नरेन्द्र सागर ने तैयार किया है। इसके कर्णप्रिय गीतों को स्वर्गीय राजेश मिश्रा और सुनील झा ने लिखा है। इन गीतों को भोजपुरी इंडस्ट्री के दिग्गज सिंगर्स कल्पना पटवारी, मोहन राठौड़, सुगम सिंह, अलका झा और खुशी सिन्हा ने अपनी जादुई आवाज से सजाया है। इस फिल्म को भव्य बनाने में पर्दे के पीछे की टीम का भी बड़ा योगदान है। मुख्य सहायक निर्देशक चंदन सिंह यादव हैं। सहायक निर्देशकों परी रजक व शाहिल गौतम हैं। फिल्म के डीओपी सुनील आहेर, कोरियोग्राफर कानू मुखर्जी हैं। एडिटर गुरजंट सिंह और प्रोमो एडिटर उमेश मिश्रा, पीआरओ रामचन्द्र यादव हैं। डीआई का काम रोहित सिंह और वीएफएक्स आकाश सिंह ने किया है, जबकि पार्श्व संगीत राजा यादव का है। पोस्ट प्रोडक्शन का काम ‘बुन्दा क्रिएशन’ ने बखूबी संभाला है। मेकअप मैन सुनील सिंह व राजेश तिवारी, हेयर ड्रेसर गुड़िया पाण्डेय, कॉस्ट्यूम विद्या विष्णु, ड्रेस सजाद आलम, स्पॉट बॉय अरमान टीम हैं।

ट्रेलर की सफलता को लेकर उत्साहित निर्देशक विजय यादव ने अपनी खुशी साझा करते हुए कहा कि ‘यह फिल्म हमारी पूरी टीम की कड़ी मेहनत और लगन का परिणाम है। ईश्वर की असीम कृपा, हमारे सभी साथी मित्रों के सहयोग और माता-पिता के साथ-साथ जनता जनार्दन के आशीर्वाद से हम एक बेहतरीन और साफ-सुथरा सिनेमा लेकर आ रहे हैं। हमें पूरी उम्मीद है कि ‘जोरू का गुलाम’ दर्शकों के दिलों में अपनी एक खास जगह बनाएगी।’

विजय यादव के निर्देशन में बनी प्रेम सिंह और रक्षा गुप्ता की भोजपुरी फिल्म ‘जोरू का गुलाम’ का ट्रेलर रिलीज, दर्शकों के बीच मचाया धमाल

फ़िल्म “अभिमन्यु – एक शोध” की शूटिंग जुलाई के आखिर में शुरू होगी...

मुम्बई. फ़िल्म अभिमन्यु – एक शोध की शूटिंग इसी माह जुलाई के आखिरी

हफ़्ते में शुरू होगी. इस क्राइम थ्रिलर हिंदी फिल्म के प्रोड्यूसर महेश दरे और डायरेक्टर करण खराडे हैं. फिल्म की कहानी और स्क्रीनप्ले महेश डारे और रसिक खान ने लिखे हैं. सिनेमैटोग्राफर निखिल मोहिते, एडिटर MARS एंटरटेनमेंट हैं.

प्रोडक्शन हाउस MARS एंटरटेनमेंट के बैनर तले बन रही फिल्म  को Iamplex डिजिटल थिएट्रिकल डिस्ट्रीब्यूशन द्वारा प्रेजेंट किया जा रहा है. फिल्म मे कास्ट और क्रू को जल्द ही फ़ाइनल किया जाएगा।

फ़िल्म अभिमन्यु का फर्स्ट पोस्टर जारी किया गया है जो काफी प्रभावी लग रहा है. हिंदी फिल्म के प्रोड्यूसर महेश दरे का कहना है कि फ़िल्म अभिमन्यु की कहानी काफी अलग है और इसका संगीत भी अच्छा होने वाला है.

फ़िल्म “अभिमन्यु – एक शोध” की शूटिंग जुलाई के आखिर में शुरू होगी

 

‘भारत पॉडकास्ट’ बना देश में सबसे ज्यादा देखे जाने वाला डिजिटल पॉडकास्ट चैनल...

नई दिल्ली। डिजिटल मीडिया और पॉडकास्ट की दुनिया में तेजी से अपनी पहचान बना रहा भारत पॉडकास्ट आज देश के सबसे चर्चित पॉडकास्ट प्लेटफॉर्मों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रहा है। सेलिब्रिटी होस्ट दीपक सारस्वत द्वारा शुरू किया गया यह प्लेटफॉर्म सामाजिक, राजनीतिक, आध्यात्मिक, व्यापारिक और समसामयिक मुद्दों पर बेबाक चर्चाओं के कारण लगातार दर्शकों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।

भारत पॉडकास्ट की खास बात यह है कि यहां केवल इंटरव्यू नहीं, बल्कि ऐसे विषयों पर खुलकर चर्चा की जाती है जिन पर अक्सर मुख्यधारा के मंचों पर विस्तार से बात नहीं होती। यही वजह है कि इसकी वीडियो और शॉर्ट क्लिप्स सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होती हैं और करोड़ों लोगों तक पहुंचती हैं। हाल के महीनों में भारत पॉडकास्ट से जुड़े कई वीडियो ने रिकॉर्ड व्यूअरशिप हासिल की है।

भारत पॉडकास्ट के होस्ट दीपक सारस्वत पहले से ही डिजिटल मीडिया की दुनिया का जाना-पहचाना नाम हैं। फिल्म निर्माण, सोशल मीडिया कंटेंट और पॉडकास्टिंग के क्षेत्र में सक्रिय दीपक सारस्वत के विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कुल मिलाकर 50 लाख (5 मिलियन) से अधिक फॉलोअर्स होने का दावा किया जाता है। उनकी बड़ी डिजिटल ऑडियंस का लाभ भारत पॉडकास्ट को भी मिला है, जिससे यह मंच तेजी से देशभर में अपनी पहचान बना रहा है।

डिजिटल कंटेंट की दुनिया में जहां कई बड़े पॉडकास्ट पहले से स्थापित हैं, वहीं भारत पॉडकास्ट ने भी कम समय में अपनी अलग पहचान बनाई है। दर्शकों के बीच इसकी बढ़ती लोकप्रियता इसे देश के प्रमुख हिंदी पॉडकास्ट प्लेटफॉर्मों की चर्चा में ला रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में पॉडकास्ट का बाजार तेजी से बढ़ रहा है और ऐसे समय में भारत पॉडकास्ट ने सामाजिक सरोकारों, आध्यात्मिक विषयों, व्यापार, मनोरंजन, राजनीति और प्रेरणादायक व्यक्तित्वों के साथ गहन बातचीत के माध्यम से अपनी अलग जगह बनाई है।

आने वाले समय में भारत पॉडकास्ट देश के डिजिटल मीडिया क्षेत्र में और भी बड़ी भूमिका निभा सकता है। लगातार बढ़ती दर्शक संख्या, वायरल कंटेंट और प्रभावशाली मेहमानों के साथ यह मंच भारतीय पॉडकास्टिंग की नई पहचान बनता दिखाई दे रहा है।

 

‘भारत पॉडकास्ट’ बना देश में सबसे ज्यादा देखे जाने वाला डिजिटल पॉडकास्ट चैनल

West Bengal: A New Twist To Speculation About A Change In The Bharatiya Janata Party: Could The BJP Send Kuldip Maity To The Rajya Sabha? Sources...

Kolkata, July 7, 2026: With the change of power in West Bengal, the BJP’s graph is rising. With the formation of the new government, the influx of new members continues. In particular, speculation is rife about the joining of several MPs, leaders, and other activists after their disillusionment with the TMC. Meanwhile, political circles are abuzz with speculation about kuldip maity, Managing Director and Chief Executive Officer of VFS Capital. Sources suggest that Maiti may soon join the BJP. However, no official confirmation has yet been made by either the BJP or Kuldip Maity.

Sources claim that if this decision is made, his membership could be initiated in the presence of a senior BJP leader, possibly party president Nitin Nabin or Union Home Minister Amit Shah. Kuldip Maity is the MD and CEO of VFS Capital Ltd., a leading microfinance institution in eastern India.  He is known as an experienced social entrepreneur in the microfinance sector. Under his leadership, the company has established a strong presence in Eastern India and currently provides financial services to over four lakh women customers through approximately 280 branches in 14 states.

Where Did He Study?

He is also a board member of Sa-Dhaan, assistant secretary of the Village Welfare Society, and a founding member of the West Bengal Micro Finance Institutions Association. Kuldip Maity holds two master’s degrees in business administration and a doctorate.

Kuldip Maity holds two master’s degrees in business administration and a doctorate. He has been working in the field of financial empowerment of women and economically weaker sections for the past two decades. He has also held important positions in several social and financial institutions.

It is reported that VFS Capital is expanding its branches in the coming years and is also focusing on the affordable housing and MSME loan sectors. Currently, there has been no official statement from either party on the discussions about joining the BJP.  As such, everyone is closely monitoring this entire development. Maiti has been honored with numerous awards for her work and leadership.

 

West Bengal: A New Twist To Speculation About A Change In The Bharatiya Janata Party: Could The BJP Send Kuldip Maity To The Rajya Sabha? Sources

फ़िल्म मेकर धीरू यादव ने लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स और यश भारती सम्मानित अभिषेक यादव ‘अभि’ को दिया जन्मदिन की बधाई...

भोजपुरी सिनेमा के क्रांतिकारी फिल्म निर्माता-निर्देशक धीरू यादव ने ‘यश भारती’ पुरस्कार से सम्मानित और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से सम्मानित अभिषेक यादव ‘अभि’ को उनके जन्मदिन के खास मौके पर बधाई और ढ़ेर सारी शुभकामनाएं दी हैं। अभिषेक यादव ‘अभि9’ को जन्मदिन की बधाई एवं शुभकामनाएं देने के लिए प्रशंसकों और शुभचिंतकों का तांता लगा हुआ है। बता दें कि धीरू यादव ने अपने ऑफिसियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर अभिषेक यादव ‘अभी’ को टैग करते हुए लिखा है कि ‘जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई अभिषेक यादव ‘अभी’ भइया। लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स: एक ही इवेंट में 5,700 लड़कियों को आत्मरक्षा (सेल्फ़-डिफ़ेंस) की ट्रेनिंग देने का रिकॉर्ड। यश भारती पुरस्कार: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के सर्वोच्च नागरिक सम्मान को पाने वाले सबसे कम उम्र के व्यक्ति।’

गौरतलब है कि फिल्म मेकर धीरू यादव की यह पोस्ट इस बात का गवाह है कि अभिषेक यादव ने इतनी कम उम्र में समाज के लिए जो योगदान दिया है, उसकी सराहना कला और फिल्म जगत के लोग भी दिल से करते हैं। दोनों के बीच के इस भाईचारे और सम्मान को सोशल मीडिया पर काफी सराहना मिल रही है। धीरू यादव ने उत्तर प्रदेश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘यश भारती’ से सम्मानित और युवाओं के प्रेरणास्रोत अभिषेक यादव ‘अभि’ की उन असाधारण जीतों और रिकॉर्ड्स का जिक्र किया, जिन्होंने न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश का नाम वैश्विक पटल पर रोशन किया है।

महिला सशक्तिकरण और समाज सेवा के प्रति अटूट समर्पण : धीरू यादव

अभिषेक यादव ‘अभि’ केवल रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं रहे हैं। वे लगातार जमीन पर उतरकर समाज सेवा कार्य करते रहते हैं। विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों की लड़कियों को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने के लिए वे लगातार कैंप और जागरूकता अभियान चलाते रहते हैं। फिल्म मेकर धीरू यादव का कहना है कि ‘देश की बेटियां तब तक पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो सकतीं, जब तक वे शारीरिक और मानसिक रूप से खुद अपनी रक्षा करने के काबिल न हो जाएं। यही वजह है कि उन्होंने मार्शल आर्ट्स और सेल्फ़-डिफ़ेंस की तकनीकों को आम लड़कियों तक पहुँचाने का बीड़ा उठाया।

धीरू यादव और अभिषेक यादव: कला और समाज सेवा का अद्भुत संगम

एक तरफ जहां धीरू यादव फिल्म निर्माण और निर्देशन के क्षेत्र में अपनी बेहतरीन कला और क्रांतिकारी विजन के जरिए सिनेमा जगत में अपनी पहचान पुख्ता किये हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ अभिषेक यादव समाज सेवा और युवा सशक्तिकरण के जरिए देश को एक नई दिशा दे रहे हैं। ऐसे में फिल्म जगत की नामचीन हस्ती द्वारा समाज के इस नायक को सम्मानित और याद किया जाना यह दिखाता है कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वालों का हर क्षेत्र में कितना सम्मान है।

धीरू यादव की फिल्मों की तरह ही उनका यह संदेश भी समाज को प्रेरित करने वाला है। उन्होंने अपनी पोस्ट के जरिए न सिर्फ अपने दोस्त व भाई को जन्मदिन की बधाई दी, बल्कि देश के युवाओं को यह भी याद दिलाया कि देश सेवा और समाज सुधार के मायने क्या होते हैं।

https://www.instagram.com/p/DaYiDhfjlCC/

यश भारती पुरस्कार से सम्मानित अभिषेक यादव ‘अभि’ को फ़िल्म मेकर धीरू यादव ने जन्मदिन पर दी बधाई, लिम्का बुक रिकॉर्डधारी को सराहा