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Echoes Of The Valley: Kastoorwan Where Memory Meets The Mountain Air And Solitude....

Senior Correspondent Mumbai :. A childhood dream has blossomed into a sanctuary of living history deep within the mountains of Khag. For decades, one visionary carried a singular ambition: to build a boutique resort that serves not just as a refuge for travellers, but as a living testament to the rich cultural heritage of 1990s Kashmir.Umar Shah a young entrepreneur from kashmir is serving Legacy of Kashmir heritage, craft, music ,food and natural beauty established in place newly maintained unexplored heaven for travellers,Film makers, Musicians, Family functions and parties.In the Lap of beautiful  mountaind and meadows of Tosha maidan ,It’s blessed by spritual vibes and natural ambience as well.Kastoorwan a place in Khag Of district Budgam is just 32 km from srinagar where everyone can meet Solitude .

The quest for the perfect sanctuary was long and deliberate. While established tourist hubs like Pahalgam and Gulmarg offered guaranteed footfall, the goal was to find an untouched, offbeat landscape to pioneer something entirely original. That search ended in 2021 upon discovering the pristine wilderness of Khag. Following a year of intense exploration and rigorous groundwork, the foundation for Kastoorwan Cottage was finally laid.

A Three-Year Labor of Love Over the last three years, the rugged terrain has been mindfully transformed into an intimate retreat featuring two heritage-style cottages and manicured gardens. The response from early visitors has been overwhelmingly positive, marking what the founder describes as merely the opening chapter of a much larger journey.Nestled deep in the lap of the mountains, Kastoorwan Cottage offers an atmosphere distinct from mainstream Kashmiri destinations  vibes of Spirituality of Nowroz  Baba Rishi sahb The resort experiences crisp, pleasant daytime weather that gives way to sharp, chilly mountain evenings.

Built entirely around traditional heritage architecture, the property is enveloped by dense forests and continuous cool breezes, offering a unique vibe for families and groups of friends seeking isolation from urban chaos.

[ KASTOORWAN AT A GLANCE ]

2021 ──────────────► 2022–2025 ──────────────► PRESENT

Discovery of         Construction of          Organic Farm &

Khag Forest          Heritage Cabins          Dairy Launch

The Symphony of Sustainable LivingThe defining feature of the Kastoorwan experience lies in its hyper-local, completely organic culinary ecosystem. The estate has bypassed commercial supply chains to establish its own self-sustaining agricultural network, ensuring unparalleled food quality and hygiene.Kitchen Gardens: Guests are served fresh vegetables harvested directly from onsite plots.

Poultry Farm: The property manages its own chicken, duck, and turkey farms for fresh meats and eggs.Dairy Farm: A micro-dairy operational on the grounds secures a daily supply of pure, unadulterated milk.The core mission remains anchored in uncompromising hospitality, strict cleanliness, and health-conscious dining.

By blending the architectural nostalgia of the 1990s with a modern farm-to-table ethos, Kastoorwan is establishing a brand new blueprint for eco-tourism in the Kashmir Valley.

Prime Location:

Just 30 km from the Railway Station

Only 35 km from the Airport

Enjoy the perfect blend of accessibility and serenity in khag near by tosamadian

📞 Book Your Stay Today!

Contact: umar shah

📱 +91 7006031467

Kastoorwan cottage Homestay – Comfort, Convenience & Serenity Await

Email: kastoorwancottage@gmail.com

https://kastoorwancottage.com/

https://www.instagram.com/the__kastoorwan/

 

Every Traveler Must Visit Kastoorwan Once For Nature And Food Experience.

फैशन इंडस्ट्री में कौशिक द्विवेदी का बजा डंका: सपने मॉडलिंग एजेंसी ने ‘आउटस्टैंडिंग ई-कॉमर्स शूट ऑफ द ईयर’ से नवाजा...

मॉडलिंग, फैशन और मीडिया इंडस्ट्री में अपनी मजबूत पहचान बना चुके मॉडल-एक्टर कौशिक द्विवेदी ने फैशन की दुनियां में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली है। बता दें कि देश की प्रतिष्ठित एजेंसी ‘सपने मॉडलिंग एजेंसी प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से वर्ष 2026-2027 के लिए ‘आउटस्टैंडिंग ई-कॉमर्स शूट ऑफ द ईयर’ के अवार्ड से कौशिक द्विवेदी को नवाजा गया है। यह अवॉर्ड कौशिक द्विवेदी को उनके असाधारण विजन और बेहतरीन योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित और सराहा गया। इस अवॉर्ड रूपी पुरस्कार व सम्मान प्राप्त करने पर कौशिक द्विवेदी अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि ‘यह सम्मान हमारी पूरी टीम की कड़ी मेहनत, लगन और हमारे सहयोगियों के भरोसे का परिणाम है। ई-कॉमर्स और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में हम हमेशा से बेस्ट-इन-क्लास और क्रिएटिव शूट्स प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं। यह ट्रॉफी हमें भविष्य में और भी बेहतर काम करने की प्रेरणा देती है।’

गौरतलब है कि सपने मॉडलिंग एजेंसी ने देश और दुनिया के सबसे बड़े ई-कॉमर्स, मनोरंजन और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के लिए सफल कैंपेन और शूट्स का निर्माण किया है। यह फैशन, ई-कॉमर्स, ब्रांड प्रमोशन और एडवरटाइजिंग जगत की एक प्रमुख एजेंसी है। एजेंसी उच्च गुणवत्ता वाले फोटो-शूट, वीडियो-शूट और मॉडल मैनेजमेंट सेवाएं प्रदान करने के लिए जानी जाती है। इस एजेंसी ने जिन प्रमुख ब्रांड्स और प्लेटफॉर्म्स के साथ काम कर यह मुकाम हासिल किया है, उनमें शामिल हैं: फ्लिपकार्ट (Flipkart), मीशो (Meesho), अमेजॉन (Amazon)। साथ ही साथ सोनी लिव (SonyLIV), जी5 (ZEE5), एमटीवी (MTV), जियोहॉटस्टार (JioHotstar), नेटफ्लिक्स (Netflix), यूट्यूब (YouTube) और वूट (Voot) आदि इन प्लेटफॉर्म्स के साथ मिलकर एजेंसी ने कई बड़े और सफल कमर्शियल ई-कॉमर्स शूट्स को अंजाम दिया है, जिन्हें खूब सराहा गया है।

  

कौशिक द्विवेदी को मिला ‘आउटस्टैंडिंग ई-कॉमर्स शूट ऑफ द ईयर 2026-2027’ का अवॉर्ड, सपने मॉडलिंग एजेंसी ने किया सम्मानित

वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी का नया धमाकेदार गाना जल्द, दुबई की खूबसूरत लोकेशन्स पर हो रही है शूटिंग...

भोजपुरी संगीत की मोस्ट पॉपुलर म्यूजिक कंपनी वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी संगीतप्रेमियों के लिए एक बार फिर बहुत कुछ बेहद खास और बड़े पैमाने पर सरप्राइज पैक्ड लेकर आने वाली है। बता दें कि विदेश की खूबसूरत शहर दुबई के बहुत रमणीय लोकेशन पर मेगा बजट के साथ गानों की शूटिंग जोर शोर से की जा रही है, जोकि ऑडियन्स के लिए सरप्राइज गिफ्ट होने वाला है। वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स म्यूजिक कंपनी के एमडी रत्नाकर कुमार ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से यह जानकारी साझा किया है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपने ऑफिसियल अकाउंट से महँगी लग्जरी गाड़ी के साथ अलग-अलग पोस्ट करके कैप्शन लिखा है कि… “दुबई में शूट… नया गाना जल्द आ रहा है, सिर्फ वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी पर…”

इस पोस्ट पर फैंस जमकर प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और अपने पसंदीदा कलाकारों व वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स की पूरी टीम को बधाई दे रहे हैं। दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि गाने का टाइटल और सिंगर कौन हैं, जिससे पर्दा उठना अभी बाकी है।

गौरतलब है कि फिल्म निर्माता और वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स म्यूजिक कंपनी के एमडी रत्नाकर कुमार ने दुबई में गाने की शूटिंग के दौरान की खास तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की हैं, जिसमें वे एक लग्जरी स्पोर्ट्स कार (फेरारी) के साथ नज़र आ रहे हैं। उनके इस लुक और तस्वीरों को देखकर फैंस के बीच गाने को लेकर उत्सुकता काफी बढ़ गई है। तस्वीरों में दिख रही भव्यता इस बात का स्पष्ट संकेत देती है कि यह गाना विजुअल्स और म्यूजिक प्रोडक्शन के मामले में भोजपुरी इंडस्ट्री के लिए एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। दुबई की हाई-टेक सड़कों और खूबसूरत दृश्यों के बीच इस गाने को काफी बड़े बजट पर तैयार किया गया है।

उल्लेखनीय है कि ‘वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स’ भोजपुरी म्यूजिक इंडस्ट्री की एक ऐसी म्यूजिक कंपनी है, जिसके माध्यम से रत्नाकर कुमार ने लगातार एक से बढ़कर एक सुपरहिट गाने और फिल्में दर्शकों के बीच पेश की हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भोजपुरी संगीत को पहचान दिलाने में इस कंपनी का बहुत बड़ा योगदान रहा है।

अपनी एक और नई पहल पर बात करते हुए रत्नाकर कुमार ने कहा कि ‘हम हमेशा अपने भोजपुरी दर्शकों को कुछ नया, अलग और अंतरराष्ट्रीय स्तर का मनोरंजन देने का प्रयास करते हैं। दुबई में इस नए प्रोजेक्ट की शूटिंग का अनुभव बेहद शानदार है। यह गाना सिर्फ गीत-संगीत के मामले में ही नहीं, बल्कि अपने बेहतरीन विजुअल्स और लोकेशन्स के कारण भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देगा। जल्द ही यह गाना हमारे ऑफिसियल यूट्यूब चैनल वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स पर रिलीज़ किया जाएगा।’

https://www.instagram.com/p/Da5Us6xDCz4/

 

वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी का नया धमाकेदार गाना जल्द, दुबई की खूबसूरत लोकेशन्स पर हो रही है शूटिंग

फिल्म जगत के प्रख्यात अशफ़ाक खोपेकर को मिला महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन के हाथों ‘बेस्ट बॉलीवुड एक्टिविस्ट’ का प्रतिष्ठित सम्मान...

मुंबई:भारतीय फिल्म उद्योग के जाने-माने लेखक, निर्देशक और प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता अशफ़ाक खोपेकर को सिनेमा जगत और समाज सेवा में उनके अद्वितीय योगदान के लिए महाराष्ट्र के माननीय राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन के हाथों प्रतिष्ठित “भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर अवार्ड्स 2024” के अंतर्गत ‘बेस्ट बॉलीवुड एक्टिविस्ट’ (Best Bollywood Activist) के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।पिछले 33 वर्षों (साल 1993) से मनोरंजन उद्योग में सक्रिय अशफ़ाक खोपेकर ने अपना पूरा जीवन पर्दे के पीछे काम करने वाले कामगारों, तकनीशियनों के अधिकारों की रक्षा और समाज के वंचित वर्ग के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया है।

राज्यपाल महोदय द्वारा मिला यह सम्मान उनके इसी निस्वार्थ संघर्ष पर एक बड़ी मुहर है।सिनेमा जगत के अधिकारों की बुलंद आवाजअशफ़ाक खोपेकर फिल्म उद्योग की अग्रणी संस्थाओं जैसे IMPA, MCAI, SWA और IFTDA के सम्मानित सदस्य हैं। वे FWICE (Federation of Western India Cine Employees) के सक्रिय सदस्य और सलाहकार भी हैं।विवादों का शांतिपूर्ण समाधान: साल 2010 से 2012 तक IFTDA की डिस्प्यूट सेटलमेंट कमेटी के चेयरमैन के रूप में उन्होंने सैकड़ों सदस्यों के विवादों को सुलझाकर उन्हें न्याय दिलाया।संगठनों का नेतृत्व: वर्तमान में वे ‘स्क्रीनराइटर गिल्ड ऑफ इंडिया’ और ‘दादासाहेब फाल्के फिल्म फाउंडेशन’ के अध्यक्ष (President) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

IPRS में सुधार की लड़ाई: IPRS (Indian Performing Right Society) के सदस्यों पर हो रहे अत्याचारों और रॉयल्टी वितरण में धांधली के खिलाफ उन्होंने अपने व्यक्तिगत खर्च पर बड़ा आंदोलन खड़ा किया, जिसके कारण कमेटी के सदस्यों में ऐतिहासिक बदलाव आया। यह संघर्ष आज भी जारी है।बिना किसी डोनेशन के 15 सालों से सम्मान और सेवा’दादासाहेब फाल्के फिल्म फाउंडेशन’ के बैनर तले अश्फ़ाक खोपेकर पिछले 15 वर्षों से हर साल फिल्म जगत के उन तकनीशियनों को सम्मानित कर रहे हैं, जो पर्दे के पीछे रहकर पूरी फिल्म बनाते हैं। बिना किसी बाहरी डोनेशन या चंदे के, वे हर साल इन तकनीशियनों को ट्रॉफी और ₹11,000 की सम्मान राशि भेंट करते हैं। इसके अलावा, इसी फाउंडेशन के तहत उन्होंने फिल्म जगत के लोगों के लिए 3 साल तक मुफ्त मेडिकल सेंटर चलाकर हजारों लोगों की सेवा की।धार्मिक एकता और सामाजिक सद्भाव की मिसाल खोपेकर जी का सामाजिक जीवन मुंबई में सांप्रदायिक सौहार्द और धर्मनिरपेक्षता की एक अनोखी मिसाल है:ओमकारेश्वर साईं मंदिर की स्थापना: ‘खोपेकर एजुकेशन एंड वेलफेयर ट्रस्ट’ के तहत उन्होंने दहिसर ईस्ट में अपनी खुद की जमीन पर और अपने निजी खर्च से 3000 वर्ग फुट के ‘ओमकारेश्वर साईं मंदिर’ की स्थापना की। पिछले 25 वर्षों से यहां महाशिवरात्रि उत्सव, साईं भंडारा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन वे खुद करते आ रहे हैं।

अनाथ बच्चों की शिक्षा: बोरीवली वेस्ट की आई.सी. कॉलोनी में स्थित ‘मदरसा जामियातुल अजहर’ के माध्यम से वे 40 से 50 अनाथ बच्चों की मुफ्त शिक्षा, भोजन और रहने (आजीविका) का पूरा प्रबंध कर रहे हैं।

मस्जिद का शांतिपूर्ण संचालन: ‘जामातुल मुस्लिमीन’ के अंतर्गत पिछले 13 वर्षों से वे मस्जिद के संचालक (gen.secretory) के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बिना किसी विवाद या फसाद के हमेशा शांतिपूर्वक और भाईचारे के साथ सारा काम संभाला है।

बहुमुखी प्रतिभा के धनवान: लेखक और निर्देशक एक कड़े संघर्षकर्ता होने के साथ-साथ अशफ़ाक खोपेकर मूल रूप से एक संवेदनशील लेखक और निर्देशक (Writer/Director) हैं। उनकी कई फिल्में, शॉर्ट फिल्में और म्यूजिक एल्बम्स आज भी इंटरनेट पर दर्शकों के लिए उपलब्ध हैं। उनकी प्रसिद्ध कविता पुस्तक ‘सच्चाई’ (Sachchayee) प्रकाशित होकर सराहना बटोर चुकी है, और इसके अगले 4 भाग (Parts) वर्तमान में प्रकाशन की प्रक्रिया में हैं।१५० से ज्यादा गीत, ग़ज़ल, कव्वाली और भजन    से संगीत प्रेमी को खुश किया है।अशफ़ाक खोपेकर आज भी एसोसिएशन की बेहतरी और समाज के दबे-कुचले लोगों पर होने वाले अत्याचार के खिलाफ अपनी कानूनी और नैतिक लड़ाई पूरी ताकत से लड़ रहे हैं।—

मीडिया संपर्क के लिए.

ashfaquekhopekar7@gmail.com

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फिल्म जगत के प्रख्यात अशफ़ाक खोपेकर को मिला महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन के हाथों ‘बेस्ट बॉलीवुड एक्टिविस्ट’ का प्रतिष्ठित सम्मान

मोशी दुर्घटनेतील जखमींच्या मदतीसाठी धावले केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले; संघमित्रा गायकवाड यांनी केले जननेतृत्वाचे कौतुक, महिला सक्षमीकरणासाठी शासनाच्या योजनांचा लाभ देण्याची केली मागणी...

पिंपरी-चिंचवड | प्रतिनिधी : पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिकेच्या (PCMC) मोशी येथील वेस्ट-टू-एनर्जी प्रकल्पात मुसळधार पावसामुळे कचऱ्याचा प्रचंड ढिगारा घसरून प्रशासकीय इमारतीवर कोसळल्याने झालेल्या दुर्दैवी दुर्घटनेतील जखमींची केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता राज्यमंत्री तथा रिपब्लिकन पक्षाचे राष्ट्रीय अध्यक्ष मा. रामदासजी आठवले यांनी आज साईनाथ हॉस्पिटलमध्ये जाऊन भेट घेतली.

यावेळी त्यांनी जखमींच्या प्रकृतीची सविस्तर माहिती डॉक्टरांकडून जाणून घेत उपचारासाठी आवश्यक त्या सर्व सुविधा तातडीने उपलब्ध करून देण्याच्या सूचना संबंधित अधिकाऱ्यांना दिल्या. तसेच जखमी व त्यांच्या कुटुंबीयांना धीर देत शासन त्यांच्या पाठीशी खंबीरपणे उभे असल्याचा विश्वास व्यक्त केला.

रिपब्लिकन पक्ष ऑफ इंडिया (आठवले गट) महाराष्ट्र प्रदेश चीफ सेक्रेटरी तथा संघमित्रा फिल्म प्रॉडक्शनच्या निर्माती संघमित्रा ताई गायकवाड यांनी मा. रामदास आठवले यांच्या संवेदनशील नेतृत्वाचे आणि जनतेप्रती असलेल्या बांधिलकीचे मनापासून कौतुक केले.

संघमित्रा ताई गायकवाड म्हणाल्या, “मा. रामदास आठवले साहेबांसोबत अनेक वर्षे काम करण्याची संधी मला मिळाली आहे. त्यामुळे त्यांचे कार्य मी अगदी जवळून अनुभवले आहे. ते केवळ केंद्रीय मंत्री नाहीत, तर देशातील गरीब, दलित, वंचित आणि सर्वसामान्य जनतेचे खरे लोकनेते आहेत. समाजातील शेवटच्या घटकापर्यंत न्याय पोहोचावा, यासाठी ते सातत्याने संघर्ष करत असतात. कोणतीही दुर्घटना घडली की साहेब स्वतः जखमी आणि पीडितांच्या मदतीसाठी धाव घेतात. त्यामुळेच देशभरातील जनतेमध्ये त्यांच्याविषयी अपार प्रेम, आदर आणि विश्वास आहे.”

यावेळी संघमित्रा ताई गायकवाड यांनी महिला सक्षमीकरणावरही विशेष भर देत सांगितले की, “महिलांना शासनाच्या विविध स्वावलंबन, स्वयंरोजगार आणि उद्योजकता योजनांचा जास्तीत जास्त लाभ मिळाला पाहिजे. आर्थिकदृष्ट्या सक्षम महिला ही मजबूत कुटुंब आणि सक्षम समाजाची ओळख आहे.”

त्यांनी पुढे सांगितले की, “ज्या महिला स्वतःचा उद्योग-व्यवसाय सुरू करू इच्छितात, त्यांना आर्थिक मदत, प्रशिक्षण, बँक कर्ज, मार्गदर्शन आणि शासनाचे सहकार्य सहज उपलब्ध झाले पाहिजे. महिलांना व्यवसायासाठी आवश्यक ते सहकार्य मिळणे ही काळाची गरज आहे.”

संघमित्रा ताई गायकवाड यांनी महाराष्ट्रातील रिपब्लिकन पक्षाच्या सर्व महिला पदाधिकारी आणि कार्यकर्त्यांना आवाहन करत म्हटले, “ज्या महिला स्वावलंबी होण्यासाठी प्रयत्न करत आहेत किंवा उद्योग-व्यवसाय सुरू करू इच्छितात, अशा महिलांना प्रत्येक महिला कार्यकर्तीने मदतीचा हात द्यावा. त्यांना शासनाच्या योजनांची माहिती द्यावी, अर्ज प्रक्रियेत सहकार्य करावे आणि त्यांना सक्षम बनविण्यासाठी पुढाकार घ्यावा. महिला सक्षमीकरण हीच खरी समाजसेवा आहे.”

शेवटी त्यांनी मोशी दुर्घटनेतील सर्व जखमींना लवकरात लवकर पूर्ण बरे वाटावे, अशी ईश्वरचरणी प्रार्थना केली. तसेच भविष्यात अशा दुर्घटना टाळण्यासाठी संबंधित यंत्रणांनी अधिक प्रभावी सुरक्षा उपाययोजना कराव्यात, अशी अपेक्षा व्यक्त केली.

 

मोशी दुर्घटनेतील जखमींच्या मदतीसाठी धावले केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले; संघमित्रा गायकवाड यांनी केले जननेतृत्वाचे कौतुक, महिला सक्षमीकरणासाठी शासनाच्या योजनांचा लाभ देण्याची केली मागणी

युवा उद्यमी ओम प्रकाश गिरि ने अध्यात्म की राह पर बढ़ाए कदम: मौनी बाबा समाधि स्थल समेत 11 मंदिरों का करा रहे भव्य निर्माण|...

कहते हैं कि जब सफलता के शिखर पर पहुँचकर कोई व्यक्ति अपनी जड़ों और संस्कृति की ओर लौटता है, तो वह समाज के लिए एक नई मिसाल बन जाता है। दिल्ली बेस्ड प्रमुख व्यावसायिक और सामाजिक हलकों में एक जाना-माना नाम बन चुके युवा व्यवसायी ओम प्रकाश गिरि  इन दिनों कुछ ऐसा ही कर रहे हैं। व्यापार जगत में अपनी धाक जमाने और एक संपन्न जीवन जीने के बाद, अब उनका झुकाव पूरी तरह से धर्मार्थ कार्यों और सनातन धर्म की सेवा की ओर हो गया है।

इस आध्यात्मिक यात्रा की सबसे खूबसूरत तस्वीर उनके पैतृक निवास स्थान नथईपुर, मठिया, भदोही में देखने को मिल रही है, जहां वे ‘मौनी बाबा’ की एक भव्य समाधि स्थल का निर्माण करवा रहे हैं। केवल यही नहीं, ओम प्रकाश गिरि  की योजना इस पूरे क्षेत्र की धार्मिक चेतना को जागृत करने की है, जिसके तहत वे आसपास के इलाकों में 10 और मंदिरों का निर्माण करा रहे हैं। मंदिरों के निर्माण का संकल्प लेकर वे सनातन संस्कृति को धरातल पर मजबूत करने में जुटे हैं।

जाति-पाति से ऊपर, ‘मनुष्यता’ ही धर्म

आज के दौर में जहां धर्म को अक्सर राजनीतिक या जातिगत चश्मे से देखा जाता है, वहीं ओम प्रकाश गिरि  का दृष्टिकोण पूरी तरह से अलग और प्रेरणादायक है। वे सनातन धर्म को किसी संकीर्ण दायरे या जातिगत प्रभाव के तौर पर नहीं देखते, बल्कि उनके लिए धर्म का सीधा मतलब ‘मनुष्यता’ (मानवता) है। उनके करीबियों का कहना है कि ओम प्रकाश जी का मानना है कि जो धर्म इंसान को इंसान से अलग करे, वह सनातन हो ही नहीं सकता। उनके द्वारा बनवाए जा रहे मंदिरों के द्वार हर वर्ग, हर जाति और हर तबके के इंसान के लिए समान रूप से खुले रहेंगे। वे धर्म को लोक-कल्याण, सेवा और समाज को एक सूत्र में पिरोने वाले माध्यम के रूप में देखते हैं।

जड़ों से जुड़ने की अनूठी मिसाल

आमतौर पर देखा जाता है कि महानगरों की चकाचौंध में खोने के बाद लोग अपने पैतृक गांवों को भूल जाते हैं। लेकिन ओम प्रकाश गिरि ने दिल्ली में रहते हुए भी अपनी मिट्टी का कर्ज नहीं भुलाया। उनके पैतृक स्थान पर बन रहा मौनी बाबा समाधि स्थल न केवल उस क्षेत्र के लिए आस्था का एक बड़ा केंद्र बनेगा, बल्कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। एक युवा व्यवसायी के रूप में उनकी यह पहल देश के अन्य सफल युवाओं के लिए भी एक संदेश है कि भौतिक तरक्की के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को सहेजना कितना जरूरी है।

समाज सेवा और धर्म का संगम

अध्यात्मिक नजरिए से देखें तो ओम प्रकाश गिरि  का यह कदम सिर्फ ईंट-पत्थरों के ऊंचे ढांचे खड़े करना नहीं है, बल्कि समाज में एक सकारात्मक बदलाव की नींव रखना है। इन 11 मंदिरों के निर्माण के साथ-साथ वे आसपास के क्षेत्रों में कई सामाजिक और धर्मार्थ कार्य भी चला रहे हैं, ताकि शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवा का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंच सके।

एक सफल कॉर्पोरेट लाइफ से निकलकर अध्यात्म और लोक-कल्याण के इस मार्ग पर चलना यह साबित करता है कि ओम प्रकाश गिरि  के लिए संपत्ति का असली मूल्य दूसरों के जीवन में प्रकाश लाना है। आने वाले समय में उनका सराहनीय प्रयास उस पूरे क्षेत्र की पहचान बदलने जा रहा है।

 

युवा उद्यमी ओम प्रकाश गिरि  ने अध्यात्म की राह पर बढ़ाए कदम: मौनी बाबा समाधि स्थल समेत 11 मंदिरों का करा रहे भव्य निर्माण|