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ईगल भोजपुरी मूवीज पर पावरस्टार पवन सिंह की फिल्म ‘लखन सिंह’ का ट्रेलर 17 अक्टूबर को सुबह होगा रिलीज...

भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के पावरस्टार पवन सिंह एक बार फिर बड़े पर्दे पर तहलका मचाने वाले हैं। बता दें कि भोजपुरी सिनेमा की पापुलर म्यूजिक कंपनी ईगल भोजपुरी मूवीज जहां एक से बढ़कर एक भोजपुरी फिल्में और फिल्मों के ट्रेलर रिलीज कर रही है, वहीं पावर स्टार पवन सिंह की बहुप्रतीक्षित एक्शन भोजपुरी फिल्म ‘लखन सिंह’ का ट्रेलर रिलीज करने जा रही है। प्रेजेंटर ईगल होम एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड तथा जेवीडी फिल्म्स प्रोडक्शंस के बैनर तले निर्मित एवं वी.के. चारी प्रस्तुत भोजपुरी फिल्म लाखन सिंह का ट्रेलर 17 अक्टूबर 2026 को सुबह 6:00 बजे ‘ईगल भोजपुरी मूवीज’ (Eagle Bhojpuri Movies) के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर लॉन्च किया जाएगा। फिल्म के इस ऐलान के बाद से ही पवन सिंह के प्रशंसकों और भोजपुरी सिनेमाप्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। इस फिल्म की मार्केटिंग मेक योर इंडिया कर रही है।

गौरतलब है कि पवन सिंह का खूंखार और स्टाइलिश अवतार में फिल्म ‘लखन सिंह’ का नया पोस्टर सोशल मीडिया जारी किया गया है। पोस्टर में पवन सिंह का बेहद दमदार, रफ-एंड-टफ और स्टाइलिश लुक नजर आ रहा है। वे एक भारी-भरकम बाइक पर सवार हैं, उनके चेहरे पर चश्मा और आत्मविश्वास से भरपूर तेवर दिखाई दे रहा है, जबकि बैकग्राउंड में आग की लपटें और एक दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी नजर आ रही है। इस खतरनाक और एक्शन से भरपूर बैकड्रॉप ने यह साफ कर दिया है कि फिल्म में दर्शकों को जबरदस्त एक्शन और रोमांच देखने को मिलने वाला है।

फिल्म के निर्माता जगदीश ए. शर्मा और हरिखार शाह (दिलशाद) हैं। निर्देशक जगदीश ए. शर्मा हैं। ​कथा मनोज पांडेय,पटकथा व संवाद मनोज पांडेय, नईम एजाज, ललित शुक्ला ने लिखा है। ​मुख्य कलाकार पवन सिंह, शीतल अहिराव, अनूप अरोड़ा, स्व. ब्रिजेश त्रिपाठी, अमोल चौगले, इन्द्रसेन यादव, अजय पटेल, आयान सिंह, संजय वर्मा, सी.पी. भट्ट, संजीव मिश्रा, अर्जुन यादव, धामा वर्मा, कविता भाभी, सुष्मिता मिश्रा, मेहमान कलाकार काव्या सिंह, रितिका शर्मा आदि हैं। छायांकन फ़िरोज़ खान, संकलन विकास पवार, दिनेश प्रजापति, गायक पवन सिंह, गीतकार विनय बिहारी, सत्या सावरकर, सोनू सरगम, संदिप, साजन, संगीतकार मधुकर आनन्द , प्रियांशु सिंह, शुभम राज(एसबीआर), कोरियोग्राफर कानू मुखर्जी, ​रिंकी सिंह, रवी पंडित, फाइट मास्टर दिलीप यादव, आर्ट डायरेक्टर शेरा, मुख्य सहायक निर्देशक ललित शुक्ला, अब्दुल रेहमान, नरेन्द्र सिंह बिस्ट (संजू) हैं।

बता दें कि सभी की निगाहें 17 अक्टूबर 2026 की सुबह 6 बजे पर टिकी हैं, जब ‘ईगल भोजपुरी मूवीज’ यूट्यूब चैनल पर इस फिल्म का बहुप्रतीक्षित ट्रेलर रिलीज किया जाएगा। ट्रेलर के आने के बाद फिल्म को लेकर लोगों का उत्साह और अधिक बढ़ने की उम्मीद है।

पावरस्टार पवन सिंह की फिल्म ‘लखन सिंह’ का ट्रेलर ‘ईगल भोजपुरी मूवीज’ 17 अक्टूबर को सुबह करेगी रिलीज

सुपरस्टार रितेश पांडे का नया देवी गीत ‘आवतारी बघवा से’ वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स पर रिलीज, इंटरनेट पर मची धूम...

भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार रितेश पांडे का नया भक्तिमय देवी गीत ‘आवतारी बघवा से’ रिलीज होते ही संगीतप्रेमियों और माता के भक्तों के बीच आ गया है। इस देवीगीत को मोस्ट पॉपुलर म्यूजिक कंपनी वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी के ऑफिसियल यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया है। रितेश पांडे की मधुर आवाज में भक्ति भाव से गाया हुआ इस देवी गीत के वीडियो में एक्टर सिंगर रितेश पांडे और एक्ट्रेस रानी शानदार अभिनय करते हुए माता की भक्ति में डूबे हुए नजर आ रहे हैं।

गौरतलब है कि देवी दुर्गा माता की महिमा पर आधारित इस गीत में रितेश पांडे ने अपनी  सुरीली आवाज और भावपूर्ण गायकी का जादू संगीतप्रेमियों और श्रद्धालुओं पर बिखेर रहे हैं। गाने के वीडियो में रितेश पांडे जहां माता जी की आराधना में करते हुए भक्ति भाव में डूबे नजर आ रहे हैं, वहीं उनके के साथ अभिनेत्री रानी श्रद्धा भाव  में अभिनय करते दिखाई दे रही हैं। दोनों ही कलाकारों ने पारंपरिक परिधानों में माता रानी के दरबार में अपनी बेहतरीन भक्तिमय प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया है। ऑन-स्क्रीन दोनों की केमिस्ट्री और अभिनय की जमकर सराहना हो रही है। इस जीत का फिल्मांकन बहुत ही शानदार किया गया है और इस गीत को माता के भक्तों और माता जी के पंडालों में बड़े प्रेम भाव से सुना व देखा जा रहा है।

वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स प्रस्तुत देवी गीत ‘आवतारी बघवा से’ के निर्माता रत्नाकर कुमार हैं। इस गीत के वीडियो में रितेश पांडे और एक्ट्रेस रानी नए शानदार परफॉर्मेंस किया है। इस गीत को सिंगर रितेश पांडे ने मधुर आवाज में गाया है। इस गाने को गीतकार मुकेश मिश्रा ने लिखा है, जबकि संगीतकार एनके वर्मा ने मधुर संगीत दिया है। वीडियो डायरेक्टर पवन पाल हैं। इस गाने का ऑल राइट वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स के पास है।

वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स के एमडी एवं फ़िल्म निर्माता रत्नाकर कुमार ने कहा कि ‘ये एक ऐसा भक्ति देवी गीत है, जो हर श्रद्धालु के मन में भक्ति भाव जगा रहा है। रितेश पांडे और रानी की जोड़ी ने इसमें कमाल का काम किया है। सांस्कृतिक और भक्ति भाव से परिपूर्ण ये देवी गीत ‘आवतारी बघवा से’ हर किसी को बहुत पसंद आ रहा है।’

वहीं गायक व अभिनेता रितेश पांडे ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि ‘मां भगवती के चरणों में अपनी आवाज समर्पित करना मेरे लिए हमेशा सौभाग्य की बात होती है। रत्नाकर कुमार सर ने इस देवी गीत को बहुत ही श्रद्धा के साथ बनाया है। दर्शकों और माता के भक्तों से जो प्यार मिल रहा है, उसके लिए मैं सभी का आभारी हूँ।’

सुपरस्टार रितेश पांडे का भक्ति भाव से परिपूर्ण देवी गीत ‘आवतारी बघवा से’ वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स ने किया रिलीज

गंगा पचिसिया – भारतीय संगीत की मधुर स्वर-साधिका — भक्ति, सुरों और सांस्कृतिक विरासत का सुंदर संगम Soulful Mehfil....

भारतीय संगीत की समृद्ध परंपरा में कुछ कलाकार अपनी मधुर आवाज़, विविधतापूर्ण गायन शैली और कला के प्रति समर्पण से अपनी अलग पहचान बनाते हैं।

गंगा पचिसिया ऐसी ही एक प्रतिभाशाली गायिका हैं, जिनकी ‘Soulful Mefil’ संगीत यात्रा में भारतीय संस्कृति, भक्ति, लोकसंगीत, ग़ज़ल और सदाबहार हिंदी फिल्मी गीतों का अनूठा संगम देखने को मिलता है। जिसे सब पसंद करते हैं

मुंबई में अपनी संगीत प्रतिभा को निखारने वाली गंगा पचिसिया ने गायन के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी रुचि और बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया है। राजस्थानी लोकगीतों की मिट्टी से जुड़ी खुशबू हो, हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम युग के सदाबहार नगमे हों, ग़ज़लों की भावपूर्ण अभिव्यक्ति हो अथवा भजनों की आध्यात्मिक मधुरता—उनकी संगीत साधना विविध रंगों से सजी हुई है।

उनके लिए संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि भावनाओं को व्यक्त करने, संस्कृति को जीवित रखने और श्रोताओं के हृदय तक पहुँचने का एक सशक्त माध्यम है।

संगीत की विविध विधाओं में विशेष पहचान

गंगा पचिसिया की सबसे उल्लेखनीय विशेषताओं में से एक है विभिन्न संगीत शैलियों को अपनाने की उनकी क्षमता। राजस्थानी लोकसंगीत की पारंपरिक धुनों से लेकर हिंदी फिल्मों के लोकप्रिय गीतों तक, उनकी संगीत रुचि का दायरा व्यापक है।

अर्धशास्त्रीय गायन, सदाबहार फिल्मी गीत, ग़ज़ल, सूफ़ी संगीत, भजन, भक्तिगीत और आधुनिक बॉलीवुड गीत उनके संगीत संसार के प्रमुख हिस्से हैं।

विभिन्न अवसरों के अनुरूप अपनी प्रस्तुति को ढालने की उनकी क्षमता उन्हें एक बहुमुखी मंचीय कलाकार के रूप में प्रस्तुत करती है। सांस्कृतिक समारोह, विवाह उत्सव, कॉर्पोरेट कार्यक्रम अथवा धार्मिक आयोजन—हर अवसर पर संगीत के माध्यम से श्रोताओं से जुड़ना उनकी कला का महत्वपूर्ण पक्ष है।

भक्ति संगीत में आस्था और भावनाओं की अभिव्यक्ति

गंगा पचिसिया की संगीत यात्रा में भक्ति संगीत का विशेष स्थान है। भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति उनका लगाव उनके भक्तिमय गीतों और प्रस्तुतियों में दिखाई देता है।

भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति से जुड़े गीतों के साथ-साथ देवी-देवताओं की आराधना पर आधारित संगीत भी उनके गायन का हिस्सा है। उनकी प्रमुख भक्तिमय प्रस्तुतियों में श्याम संग राधा नाचे रे, आरती – जगदंबे महामाया और छुप गए देखो कुंजबिहारी जैसे गीत शामिल हैं।

भक्ति संगीत के माध्यम से वे श्रद्धा, शांति और सकारात्मक भावनाओं को श्रोताओं तक पहुँचाने का प्रयास करती हैं। भारतीय संस्कृति में भजनों का जो आध्यात्मिक और भावनात्मक महत्व है, उसे अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से आगे बढ़ाना उनकी कलात्मक अभिरुचि का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

टेलीविजन, मंचीय प्रस्तुतियाँ और उपलब्धियाँ

गंगा पचिसिया की कलाकार के रूप में पहचान टेलीविजन संगीत कार्यक्रमों, मंचीय प्रस्तुतियों और विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों से भी जुड़ी है। अंताक्षरी जैसे लोकप्रिय संगीत प्रारूपों में उनकी भागीदारी और प्रस्तुति संबंधी अनुभव उनके संगीत सफर का हिस्सा रहे हैं।

भारत के विभिन्न कार्यक्रमों के अतिरिक्त हांगकांग, थाईलैंड और सिंगापुर जैसे अंतरराष्ट्रीय स्थलों पर भी उनकी प्रस्तुतियों का अनुभव रहा है। भारतीय संगीत और संस्कृति की लोकप्रियता को वैश्विक मंच तक पहुँचाने में ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

गायन के साथ-साथ मंच संचालन और लाइव मनोरंजन के क्षेत्र में भी उनकी रुचि है। संगीत, संवाद और दर्शकों के साथ जुड़ाव का यह मेल उन्हें विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों में अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर देता है।

संगीत प्रशिक्षण और बहुभाषी प्रतिभा

किसी भी कलाकार की सफलता के पीछे निरंतर अभ्यास, अनुशासन और सीखने की इच्छा महत्वपूर्ण होती है। गंगा पचिसिया ने शिव शंकर भद्रा के मार्गदर्शन में अर्धशास्त्रीय गायन का प्रशिक्षण प्राप्त किया है।

उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि में स्वामी विवेकानंद कॉलेज से वाणिज्य में स्नातक की शिक्षा तथा लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल में अध्ययन शामिल है।

भारतीय संगीत के स्वर्णिम युग के महान गायकों की गायन शैलियों को समझने और उनकी विशिष्टता को अपनी प्रस्तुतियों में अभिव्यक्त करने में भी उनकी रुचि है। पुराने सदाबहार गीतों की भावनात्मक गहराई और उनकी मौलिक संगीत शैली के प्रति सम्मान उनकी संगीत संबंधी दृष्टि को दर्शाता है।

हिंदी और अंग्रेज़ी के साथ राजस्थानी, बंगाली, पंजाबी तथा मराठी जैसी भाषाओं से परिचित होना उन्हें विभिन्न भाषायी और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के श्रोताओं से जुड़ने में सहायता करता है।

MOM DAD GOD OF UNIVERSE NATIONAL AWARD 2026 – SEASON 3 के लिए नामांकन

गंगा पचिसिया की संगीत यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि उनका MOM DAD GOD OF UNIVERSE NATIONAL AWARD 2026 – SEASON 3 के लिए नामांकित होना है। यह सम्मान LEO MEDIA DIGITAL द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा है।

यह पुरस्कार माता-पिता के प्रति प्रेम, सम्मान, कृतज्ञता और समर्पण की भावना को समर्पित है। माता-पिता को संसार में ईश्वरतुल्य मानते हुए उनके त्याग, संस्कार, आशीर्वाद और परिवार के निर्माण में उनके अमूल्य योगदान का सम्मान करना इस पहल का मूल उद्देश्य है।

गंगा पचिसिया का इस राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए नामांकन उनके परिचय में एक विशेष स्थान रखता है। संगीत, भक्ति और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी उनकी कलात्मक पहचान इस आयोजन के मूल संदेश—प्रेम, सम्मान और मानवीय मूल्यों—के साथ सुंदर सामंजस्य स्थापित करती है।

यह नामांकन उनके लिए अपनी संगीत यात्रा को आगे बढ़ाने, नई उपलब्धियाँ प्राप्त करने और कला के क्षेत्र में अपनी पहचान को और सशक्त बनाने की दिशा में एक उत्साहवर्धक अवसर है।

उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर संगीत यात्रा

गंगा पचिसिया की संगीत यात्रा भारतीय संगीत की विविधता, परंपरा के प्रति सम्मान और निरंतर आगे बढ़ने की आकांक्षा का परिचय देती है। लोकसंगीत की सांस्कृतिक जड़ों से लेकर भक्ति गीतों की आध्यात्मिक अनुभूति और बॉलीवुड के सदाबहार नगमों तक, उनकी संगीत रुचि अनेक रंगों से परिपूर्ण है।

आने वाले समय में संगीत कार्यक्रमों, भक्ति संगीत, सांस्कृतिक आयोजनों और मंचीय प्रस्तुतियों के माध्यम से वे अपनी प्रतिभा को नए अवसरों तक पहुँचाने की दिशा में अग्रसर रह सकती हैं।

LEO MEDIA DIGITAL की ओर से गायिका गंगा पचिसिया को MOM DAD GOD OF UNIVERSE NATIONAL AWARD 2026 – SEASON 3 के लिए नामांकित होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।

ईश्वर से प्रार्थना है कि उनकी मधुर आवाज़ संगीत प्रेमियों के हृदय में इसी प्रकार स्थान बनाए रखे और उनकी कला भारतीय संगीत, संस्कृति तथा भक्ति की सुगंध को दूर-दूर तक फैलाती रहे।

सुरों की साधना निरंतर जारी रहे, सफलता के नए अध्याय जुड़ते रहें और संगीत के माध्यम से प्रेम, आनंद एवं सद्भाव का संदेश संसार तक पहुँचता रहे।

 

गंगा पचिसिया – भारतीय संगीत की मधुर स्वर-साधिका — भक्ति, सुरों और सांस्कृतिक विरासत का सुंदर संगम  Soulful Mehfil.


Prof. Dr. Madhu Krishan Honoured As Guest Of Honour At Uganda’s 64th Independence Day Celebrations; Recognises Outstanding Nation Builders For 2026...

WORLD NEWS | KAMPALA, UGANDA — His Eminence Prof. Dr. Madhu Krishan, eminent scientist, Chairman of The American University, USA, and Chairman of The United Nations University for Global Peace, USA, was invited by His Excellency President Yoweri Kaguta Museveni of the Republic of Uganda to attend the Breakfast and Prayers Fellowship held at State House, Entebbe, on the occasion of Uganda’s 64th Independence Day celebrations.

The invitation marked a significant occasion, bringing together distinguished leaders and personalities to recognise national development, leadership, peace, and the advancement of humanity.

A Distinguished Contribution to Nation Building and Sustainable Development

As part of the series of events organised around the Independence Day celebrations, Prof. Dr. Madhu Krishan participated in a prestigious seminar on “Nation Building for Sustainable Development” in Kampala, where he presented distinguished awards to eminent religious leaders, community leaders, and nation builders for their contributions to leadership, humanitarian service, peace, and social development.

Delivering his keynote address, Prof. Dr. Madhu Krishan emphasised the vital role of visionary leadership in building peaceful, progressive, and sustainable nations. He called upon leaders to continually elevate their standards of service, integrity, compassion, and responsibility, inspiring them to become exemplary nation builders who contribute meaningfully to the well-being of their people.

He underscored the importance of transforming leadership through ethical values, peace education, human excellence, and a shared commitment to sustainable development.

During his keynote address, His Eminence Prof. Dr. Madhu Krishan also highly appreciated the unconditional support and cooperation extended by “Hon. Dr. David Bahati, Minister of Commerce, Trade, Industry” and Cooperatives, and “Hon. Mrs. Persis Princess Namuganza, Minister of Lands, Housing and Urban Development”. He further interacted with several Members of Parliament, including Hon. Joseph, Hon. Sarah, and Hon. K. George Patrick, among others, to promote a culture of peace and strengthen collaborative efforts towards Uganda’s sustainable development. These interactions highlighted the importance of cooperation between government leaders, parliamentary representatives, and humanitarian organisations in advancing peace, ethical leadership, and national progress.

 Prestigious International Awards Recognise Uganda’s Distinguished Leaders

A highlight of the seminar was the presentation of the “Best Nation Builder Leader Award 2026” to Archbishop Dr. Moses Odongo, General Overseer of NFBPC, who was the first recipient of this prestigious recognition.

Bishop Dr. Africano Magyezi, General Secretary of NFBPC, was also honoured with the “Human Excellence Golden Award” and the distinction of “Peace Ambassador”, as stated in the event information, in recognition of the values of leadership, peace, and human excellence represented by these honours.

Other distinguished individuals recognised through the awards associated with The American University, USA, and The United Nations University for Global Peace, USA, included:

*  Archbishop Dr. Moses Odongo — General Overseer, NFBPC

*  Bishop Dr. Africano Magyezi— General Secretary, NFBPC

*  Bishop Kisa Michael David — Ambassador, AUGP and UNUGP, Uganda Chapter

*  Bishop Herbert Kiwanuka — Founder President, Glory to Christ Church, Kawaala

*  Pastor James Ssennoga — Ambassador, AUGP and UNUGP, Uganda Chapter

*  Reverend Annet Mutoni

*  Pastor Pauline Kirabira

*  Bishop Kaliisa Richard Muntu

*  Evangelist Ankunda Sandra Benson.

The recognitions celebrated the importance of principled leadership, community engagement, peacebuilding, and the contribution of faith-based and community institutions to national progress.

More Than Two Decades of Humanitarian Service and Peace Education

Prof. Dr. Madhu Krishan has maintained a longstanding association with Uganda for more than two decades, dedicating his efforts to humanitarian initiatives, service to underprivileged communities, and the promotion of peace through education.

His work reflects a broader vision of empowering individuals and communities through knowledge, ethical leadership, and a culture of peace. Through these initiatives, he has advocated for sustainable development and stronger partnerships that support social progress and human dignity.

His continued engagement with Uganda is guided by the aspiration to help the nation strengthen its position as a model of peace, humanitarian cooperation, and sustainable development for the African continent.

 A Vision for a Peaceful and Sustainable Africa

The events surrounding Uganda’s 64th Independence Day provided an opportunity to highlight the relationship between effective leadership, humanitarian responsibility, and sustainable national development.

The recognition of outstanding nation builders reinforced a message of shared responsibility: lasting national progress depends not only on economic advancement, but also on integrity, peaceful coexistence, education, compassion, and leadership dedicated to the greater good.

Through his continued advocacy for peace education and humanitarian service, Prof. Dr. Madhu Krishan reaffirmed the importance of empowering leaders to serve their communities with distinction and contribute towards a more peaceful, united, and sustainable future for Uganda and Africa as a whole.

 

Prof. Dr. Madhu Krishan Honoured As Guest Of Honour At Uganda’s 64th Independence Day Celebrations; Recognises Outstanding Nation Builders For 2026

A 32-Year-Old Symbol Of Hindu-Muslim Unity In The Heart Of Mumbai – Shri Omkareshwar Sai Mandir, Dahisar...

Mumbai: In a city that thrives on unity in diversity, Shri Omkareshwar Sai Mandir at Shivaji Nagar, Chhatrapati Shivaji Road, Dahisar (East), stands as a shining example of Hindu-Muslim brotherhood for the last 32 years.

The foundation stone of this temple was laid in 1998 by noted film activist and social worker Mr. Ashfaque Khopekar on his own land, at the request of his late friend Shri Manohar Swami. Shri Swami managed the temple in its initial years. After his untimely demise, Mr. Khopekar took over the complete responsibility.

What makes this temple unique is that for the last 32 years, not a single rupee of donation has been taken from anyone. The entire maintenance, care and renovation – which has been done two to three times – is borne personally by Mr. Ashfaque Khopekar.

The temple houses a sacred Shivling along with duly consecrated idols of Sai Baba, Lord Hanuman (Sankatmochan), Goddess Durga, Shitla Mata and Lord Ganesha.

Every year on the occasion of Maha Shivratri, the temple organizes a grand two-day Shiv-Sai Mahabhandara, Satyanarayan Mahapuja and cultural programs. The entire locality, both Hindus and Muslims, celebrate this festival together with great enthusiasm and devotion – a tradition that has continued uninterrupted for 32 years.

The entire management of the temple is looked after by the Khopekar Education & Welfare Trust. Mr. Khopekar personally supervises all activities. Interestingly, the same Trust also runs “Madrasa Jamiatul Azhar” in Borivali, near Dahisar, where around 50 orphan and underprivileged children are provided education, food and shelter – a true reflection of the Trust’s secular spirit.

Mr. Ashfaque Khopekar is a prominent name in the Indian film industry. He is the President of the prestigious Dadasaheb Phalke Film Foundation Awards and President of the Screen Writers Guild of India. In 2024, he was honoured with the Bollywood Best Activist Award by the then Hon’ble Governor of Maharashtra and now Hon’ble Vice President of India, Shri C. P. Radhakrishnan.

The temple’s programs have been graced by eminent personalities from the film industry like Sudesh Berry, Charlie, Zakir Khan and from the political arena like Shri Vinod Ghosalkar, Late Shri Abhishek Ghosalkar, Ms. Tejaswi Ghosalkar, Smt. Manisha Tai Chaudhari, Shri Piyush Goyal and many others, witnessing the true spirit of Hindu-Muslim unity.

The temple has also been blessed by the presence of great saints from India and abroad, including Pilot Baba, K.K. Aikawa Mata (Japan), Mahamandaleshwar Sanjay Giri, Swarganand Maharaj, Rameshanand Giri and many other revered saints.

 

A 32-Year-Old Symbol Of Hindu-Muslim Unity In The Heart Of Mumbai – Shri Omkareshwar Sai Mandir, Dahisar

नवरात्रि के शुभ अवसर पर निर्माता रत्नाकर कुमार और निर्देशक पराग पाटिल की ‘कंगन माई के’ का ट्रेलर रिलीज, आस्था, रहस्य और चमत्कार की कहानी में दिखेंगी माही श्रीवास्तव...

वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स लिमिटेड की भोजपुरी फिल्म ‘कंगन माई के’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है। करीब तीन मिनट के ट्रेलर में गाँव की आस्था, पारिवारिक टकराव, रहस्य और दैवीय चमत्कारों का अनूठा मेल देखने को मिलता है। फिल्म में माही श्रीवास्तव और अवधेश मिश्रा मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म को रत्नाकर कुमार और जितेंद्र गुलाटी प्रस्तुत कर रहे हैं।

ट्रेलर की शुरुआत आसमान में उड़ते बाज से होती है। इसके बाद कैमरा गाँव की तंग गलियों और जंगल के बीच स्थापित माँ की भव्य प्रतिमा पर पहुँचता है। प्रतिमा की पूजा और सजावट के दृश्य फिल्म की धार्मिक पृष्ठभूमि को दर्शाते हैं। एक दृश्य में युवती एक कंगन को गौर से देखती नजर आती है, जिससे संकेत मिलता है कि यह कंगन कहानी का अहम हिस्सा है।

ट्रेलर में घर की महिलाओं के बीच तीखी नोकझोंक, पारिवारिक तनाव और साजिश के दृश्य भी हैं। एक झलक में महिलाएँ छत की मुंडेर से झाँकती दिखाई देती हैं। वहीं, काले वस्त्रों में मशाल लिए एक रहस्यमय किरदार कहानी में रोमांच बढ़ाता है। कुछ दृश्यों में गुंडे एक महिला को घेरते हैं, तो कहीं नीली दैवीय ऊर्जा के साथ वीएफएक्स का इस्तेमाल किया गया है। जंगल में माँ की प्रतिमा के पास एक्शन, नदी में छलाँग और खेत में गिरे जलते विमान के दृश्य ट्रेलर को भव्य बनाते हैं। अंत में माँ के साक्षात रूप में प्रकट होने की झलक दर्शकों की उत्सुकता बढ़ाती है।

फिल्म के निर्माता रत्नाकर कुमार ने कहा, “हमारा प्रयास हमेशा भोजपुरी दर्शकों के सामने ऐसी कहानियाँ लाने का रहा है, जिनमें मनोरंजन के साथ हमारी संस्कृति और परंपराओं की झलक भी हो। ‘कंगन माई के’ आस्था, रहस्य और दैवीय शक्ति से जुड़ी एक अलग तरह की कहानी है। फिल्म को बड़े स्तर पर बनाने की कोशिश की गई है, ताकि दर्शकों को सिनेमाघरों में एक शानदार अनुभव मिले। हमें उम्मीद है कि फिल्म का ट्रेलर दर्शकों की उम्मीदों पर खरा उतरेगा और उन्हें फिल्म देखने के लिए उत्साहित करेगा।”

निर्देशक पराग पाटिल ने कहा, “’कंगन माई के’ की कहानी में आस्था, पारिवारिक रिश्तों, रहस्य और रोमांच को एक साथ पिरोया गया है। फिल्म में ऐसे कई मोड़ हैं, जो दर्शकों को कहानी से जोड़े रखेंगे। हमने दृश्यांकन, लोकेशन, एक्शन और वीएफएक्स के जरिए कहानी को प्रभावशाली बनाने की कोशिश की है। मेरा मानना है कि यह फिल्म भोजपुरी दर्शकों को एक नया सिनेमाई अनुभव देगी।”

अभिनेत्री माही श्रीवास्तव ने कहा, “’कंगन माई के’ मेरे लिए बेहद खास फिल्म है। इसमें दर्शकों को भावनाओं, आस्था और रहस्य से जुड़ी एक दिलचस्प कहानी देखने को मिलेगी। अपने किरदार को पर्दे पर जीवंत करना मेरे लिए एक चुनौतीपूर्ण और यादगार अनुभव रहा। फिल्म की पूरी टीम ने इसे बेहतर बनाने के लिए मेहनत की है। मुझे उम्मीद है कि दर्शक मेरे किरदार और फिल्म की कहानी को भरपूर प्यार देंगे।”

फिल्म में माही श्रीवास्तव, अवधेश मिश्रा और विनीत विशाल के साथ अनीता रावत, पुष्पेंद्र कुमार, सोनी राज, ईश्वर चंद्र मौर्य, पूजा दुबे, स्वीटी ओझा, श्वेता पांडेय, रती दास और रोहन कुमार पटेल भी नजर आएंगे।

फिल्म का निर्देशन पराग पाटिल ने किया है, जबकि कहानी और पटकथा अरविंद तिवारी की है। निर्माता रत्नाकर कुमार, सह-निर्माता निवेदिता कुमार और कार्यकारी निर्माता कुलदीप श्रीवास्तव हैं। सिनेमैटोग्राफी आर.आर. प्रिंस ने की है और संपादन अभिनव मिश्रा का है।

फिल्म का संगीत ओम झा ने तैयार किया है। गीत प्यारेलाल यादव, अमरेश भट्ट, ओम झा और राजेश पांडेय ने लिखे हैं। गीतों को इंदु सोनाली, प्रियंका सिंह, आलोक कुमार और सुगम सिंह ने आवाज दी है। बैकग्राउंड म्यूजिक राजा का है। एक्शन हीरालाल यादव, कोरियोग्राफी कानू मुखर्जी और वीएफएक्स की जिम्मेदारी ओमप्रकाश यादव ने संभाली है। पोस्ट प्रोडक्शन का काम आई फोकस (दिनेश-विजय) ने किया है। फिल्म के पीआरओ रंजन सिन्हा, ब्रजेश मेहर और रामचंद्र यादव हैं। फिल्म का संगीत वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स के बैनर पर उपलब्ध है।

नवरात्रि के शुभ अवसर पर निर्माता रत्नाकर कुमार और निर्देशक पराग पाटिल की ‘कंगन माई के’ का ट्रेलर रिलीज, आस्था, रहस्य और चमत्कार की कहानी में दिखेंगी माही श्रीवास्तव