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फिल्म जगत के प्रख्यात अशफ़ाक खोपेकर को मिला महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन के हाथों ‘बेस्ट बॉलीवुड एक्टिविस्ट’ का प्रतिष्ठित सम्मान...

मुंबई:भारतीय फिल्म उद्योग के जाने-माने लेखक, निर्देशक और प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता अशफ़ाक खोपेकर को सिनेमा जगत और समाज सेवा में उनके अद्वितीय योगदान के लिए महाराष्ट्र के माननीय राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन के हाथों प्रतिष्ठित “भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर अवार्ड्स 2024” के अंतर्गत ‘बेस्ट बॉलीवुड एक्टिविस्ट’ (Best Bollywood Activist) के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।पिछले 33 वर्षों (साल 1993) से मनोरंजन उद्योग में सक्रिय अशफ़ाक खोपेकर ने अपना पूरा जीवन पर्दे के पीछे काम करने वाले कामगारों, तकनीशियनों के अधिकारों की रक्षा और समाज के वंचित वर्ग के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया है।

राज्यपाल महोदय द्वारा मिला यह सम्मान उनके इसी निस्वार्थ संघर्ष पर एक बड़ी मुहर है।सिनेमा जगत के अधिकारों की बुलंद आवाजअशफ़ाक खोपेकर फिल्म उद्योग की अग्रणी संस्थाओं जैसे IMPA, MCAI, SWA और IFTDA के सम्मानित सदस्य हैं। वे FWICE (Federation of Western India Cine Employees) के सक्रिय सदस्य और सलाहकार भी हैं।विवादों का शांतिपूर्ण समाधान: साल 2010 से 2012 तक IFTDA की डिस्प्यूट सेटलमेंट कमेटी के चेयरमैन के रूप में उन्होंने सैकड़ों सदस्यों के विवादों को सुलझाकर उन्हें न्याय दिलाया।संगठनों का नेतृत्व: वर्तमान में वे ‘स्क्रीनराइटर गिल्ड ऑफ इंडिया’ और ‘दादासाहेब फाल्के फिल्म फाउंडेशन’ के अध्यक्ष (President) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

IPRS में सुधार की लड़ाई: IPRS (Indian Performing Right Society) के सदस्यों पर हो रहे अत्याचारों और रॉयल्टी वितरण में धांधली के खिलाफ उन्होंने अपने व्यक्तिगत खर्च पर बड़ा आंदोलन खड़ा किया, जिसके कारण कमेटी के सदस्यों में ऐतिहासिक बदलाव आया। यह संघर्ष आज भी जारी है।बिना किसी डोनेशन के 15 सालों से सम्मान और सेवा’दादासाहेब फाल्के फिल्म फाउंडेशन’ के बैनर तले अश्फ़ाक खोपेकर पिछले 15 वर्षों से हर साल फिल्म जगत के उन तकनीशियनों को सम्मानित कर रहे हैं, जो पर्दे के पीछे रहकर पूरी फिल्म बनाते हैं। बिना किसी बाहरी डोनेशन या चंदे के, वे हर साल इन तकनीशियनों को ट्रॉफी और ₹11,000 की सम्मान राशि भेंट करते हैं। इसके अलावा, इसी फाउंडेशन के तहत उन्होंने फिल्म जगत के लोगों के लिए 3 साल तक मुफ्त मेडिकल सेंटर चलाकर हजारों लोगों की सेवा की।धार्मिक एकता और सामाजिक सद्भाव की मिसाल खोपेकर जी का सामाजिक जीवन मुंबई में सांप्रदायिक सौहार्द और धर्मनिरपेक्षता की एक अनोखी मिसाल है:ओमकारेश्वर साईं मंदिर की स्थापना: ‘खोपेकर एजुकेशन एंड वेलफेयर ट्रस्ट’ के तहत उन्होंने दहिसर ईस्ट में अपनी खुद की जमीन पर और अपने निजी खर्च से 3000 वर्ग फुट के ‘ओमकारेश्वर साईं मंदिर’ की स्थापना की। पिछले 25 वर्षों से यहां महाशिवरात्रि उत्सव, साईं भंडारा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन वे खुद करते आ रहे हैं।

अनाथ बच्चों की शिक्षा: बोरीवली वेस्ट की आई.सी. कॉलोनी में स्थित ‘मदरसा जामियातुल अजहर’ के माध्यम से वे 40 से 50 अनाथ बच्चों की मुफ्त शिक्षा, भोजन और रहने (आजीविका) का पूरा प्रबंध कर रहे हैं।

मस्जिद का शांतिपूर्ण संचालन: ‘जामातुल मुस्लिमीन’ के अंतर्गत पिछले 13 वर्षों से वे मस्जिद के संचालक (gen.secretory) के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बिना किसी विवाद या फसाद के हमेशा शांतिपूर्वक और भाईचारे के साथ सारा काम संभाला है।

बहुमुखी प्रतिभा के धनवान: लेखक और निर्देशक एक कड़े संघर्षकर्ता होने के साथ-साथ अशफ़ाक खोपेकर मूल रूप से एक संवेदनशील लेखक और निर्देशक (Writer/Director) हैं। उनकी कई फिल्में, शॉर्ट फिल्में और म्यूजिक एल्बम्स आज भी इंटरनेट पर दर्शकों के लिए उपलब्ध हैं। उनकी प्रसिद्ध कविता पुस्तक ‘सच्चाई’ (Sachchayee) प्रकाशित होकर सराहना बटोर चुकी है, और इसके अगले 4 भाग (Parts) वर्तमान में प्रकाशन की प्रक्रिया में हैं।१५० से ज्यादा गीत, ग़ज़ल, कव्वाली और भजन    से संगीत प्रेमी को खुश किया है।अशफ़ाक खोपेकर आज भी एसोसिएशन की बेहतरी और समाज के दबे-कुचले लोगों पर होने वाले अत्याचार के खिलाफ अपनी कानूनी और नैतिक लड़ाई पूरी ताकत से लड़ रहे हैं।—

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फिल्म जगत के प्रख्यात अशफ़ाक खोपेकर को मिला महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन के हाथों ‘बेस्ट बॉलीवुड एक्टिविस्ट’ का प्रतिष्ठित सम्मान

मोशी दुर्घटनेतील जखमींच्या मदतीसाठी धावले केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले; संघमित्रा गायकवाड यांनी केले जननेतृत्वाचे कौतुक, महिला सक्षमीकरणासाठी शासनाच्या योजनांचा लाभ देण्याची केली मागणी...

पिंपरी-चिंचवड | प्रतिनिधी : पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिकेच्या (PCMC) मोशी येथील वेस्ट-टू-एनर्जी प्रकल्पात मुसळधार पावसामुळे कचऱ्याचा प्रचंड ढिगारा घसरून प्रशासकीय इमारतीवर कोसळल्याने झालेल्या दुर्दैवी दुर्घटनेतील जखमींची केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता राज्यमंत्री तथा रिपब्लिकन पक्षाचे राष्ट्रीय अध्यक्ष मा. रामदासजी आठवले यांनी आज साईनाथ हॉस्पिटलमध्ये जाऊन भेट घेतली.

यावेळी त्यांनी जखमींच्या प्रकृतीची सविस्तर माहिती डॉक्टरांकडून जाणून घेत उपचारासाठी आवश्यक त्या सर्व सुविधा तातडीने उपलब्ध करून देण्याच्या सूचना संबंधित अधिकाऱ्यांना दिल्या. तसेच जखमी व त्यांच्या कुटुंबीयांना धीर देत शासन त्यांच्या पाठीशी खंबीरपणे उभे असल्याचा विश्वास व्यक्त केला.

रिपब्लिकन पक्ष ऑफ इंडिया (आठवले गट) महाराष्ट्र प्रदेश चीफ सेक्रेटरी तथा संघमित्रा फिल्म प्रॉडक्शनच्या निर्माती संघमित्रा ताई गायकवाड यांनी मा. रामदास आठवले यांच्या संवेदनशील नेतृत्वाचे आणि जनतेप्रती असलेल्या बांधिलकीचे मनापासून कौतुक केले.

संघमित्रा ताई गायकवाड म्हणाल्या, “मा. रामदास आठवले साहेबांसोबत अनेक वर्षे काम करण्याची संधी मला मिळाली आहे. त्यामुळे त्यांचे कार्य मी अगदी जवळून अनुभवले आहे. ते केवळ केंद्रीय मंत्री नाहीत, तर देशातील गरीब, दलित, वंचित आणि सर्वसामान्य जनतेचे खरे लोकनेते आहेत. समाजातील शेवटच्या घटकापर्यंत न्याय पोहोचावा, यासाठी ते सातत्याने संघर्ष करत असतात. कोणतीही दुर्घटना घडली की साहेब स्वतः जखमी आणि पीडितांच्या मदतीसाठी धाव घेतात. त्यामुळेच देशभरातील जनतेमध्ये त्यांच्याविषयी अपार प्रेम, आदर आणि विश्वास आहे.”

यावेळी संघमित्रा ताई गायकवाड यांनी महिला सक्षमीकरणावरही विशेष भर देत सांगितले की, “महिलांना शासनाच्या विविध स्वावलंबन, स्वयंरोजगार आणि उद्योजकता योजनांचा जास्तीत जास्त लाभ मिळाला पाहिजे. आर्थिकदृष्ट्या सक्षम महिला ही मजबूत कुटुंब आणि सक्षम समाजाची ओळख आहे.”

त्यांनी पुढे सांगितले की, “ज्या महिला स्वतःचा उद्योग-व्यवसाय सुरू करू इच्छितात, त्यांना आर्थिक मदत, प्रशिक्षण, बँक कर्ज, मार्गदर्शन आणि शासनाचे सहकार्य सहज उपलब्ध झाले पाहिजे. महिलांना व्यवसायासाठी आवश्यक ते सहकार्य मिळणे ही काळाची गरज आहे.”

संघमित्रा ताई गायकवाड यांनी महाराष्ट्रातील रिपब्लिकन पक्षाच्या सर्व महिला पदाधिकारी आणि कार्यकर्त्यांना आवाहन करत म्हटले, “ज्या महिला स्वावलंबी होण्यासाठी प्रयत्न करत आहेत किंवा उद्योग-व्यवसाय सुरू करू इच्छितात, अशा महिलांना प्रत्येक महिला कार्यकर्तीने मदतीचा हात द्यावा. त्यांना शासनाच्या योजनांची माहिती द्यावी, अर्ज प्रक्रियेत सहकार्य करावे आणि त्यांना सक्षम बनविण्यासाठी पुढाकार घ्यावा. महिला सक्षमीकरण हीच खरी समाजसेवा आहे.”

शेवटी त्यांनी मोशी दुर्घटनेतील सर्व जखमींना लवकरात लवकर पूर्ण बरे वाटावे, अशी ईश्वरचरणी प्रार्थना केली. तसेच भविष्यात अशा दुर्घटना टाळण्यासाठी संबंधित यंत्रणांनी अधिक प्रभावी सुरक्षा उपाययोजना कराव्यात, अशी अपेक्षा व्यक्त केली.

 

मोशी दुर्घटनेतील जखमींच्या मदतीसाठी धावले केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले; संघमित्रा गायकवाड यांनी केले जननेतृत्वाचे कौतुक, महिला सक्षमीकरणासाठी शासनाच्या योजनांचा लाभ देण्याची केली मागणी

युवा उद्यमी ओम प्रकाश गिरि ने अध्यात्म की राह पर बढ़ाए कदम: मौनी बाबा समाधि स्थल समेत 11 मंदिरों का करा रहे भव्य निर्माण|...

कहते हैं कि जब सफलता के शिखर पर पहुँचकर कोई व्यक्ति अपनी जड़ों और संस्कृति की ओर लौटता है, तो वह समाज के लिए एक नई मिसाल बन जाता है। दिल्ली बेस्ड प्रमुख व्यावसायिक और सामाजिक हलकों में एक जाना-माना नाम बन चुके युवा व्यवसायी ओम प्रकाश गिरि  इन दिनों कुछ ऐसा ही कर रहे हैं। व्यापार जगत में अपनी धाक जमाने और एक संपन्न जीवन जीने के बाद, अब उनका झुकाव पूरी तरह से धर्मार्थ कार्यों और सनातन धर्म की सेवा की ओर हो गया है।

इस आध्यात्मिक यात्रा की सबसे खूबसूरत तस्वीर उनके पैतृक निवास स्थान नथईपुर, मठिया, भदोही में देखने को मिल रही है, जहां वे ‘मौनी बाबा’ की एक भव्य समाधि स्थल का निर्माण करवा रहे हैं। केवल यही नहीं, ओम प्रकाश गिरि  की योजना इस पूरे क्षेत्र की धार्मिक चेतना को जागृत करने की है, जिसके तहत वे आसपास के इलाकों में 10 और मंदिरों का निर्माण करा रहे हैं। मंदिरों के निर्माण का संकल्प लेकर वे सनातन संस्कृति को धरातल पर मजबूत करने में जुटे हैं।

जाति-पाति से ऊपर, ‘मनुष्यता’ ही धर्म

आज के दौर में जहां धर्म को अक्सर राजनीतिक या जातिगत चश्मे से देखा जाता है, वहीं ओम प्रकाश गिरि  का दृष्टिकोण पूरी तरह से अलग और प्रेरणादायक है। वे सनातन धर्म को किसी संकीर्ण दायरे या जातिगत प्रभाव के तौर पर नहीं देखते, बल्कि उनके लिए धर्म का सीधा मतलब ‘मनुष्यता’ (मानवता) है। उनके करीबियों का कहना है कि ओम प्रकाश जी का मानना है कि जो धर्म इंसान को इंसान से अलग करे, वह सनातन हो ही नहीं सकता। उनके द्वारा बनवाए जा रहे मंदिरों के द्वार हर वर्ग, हर जाति और हर तबके के इंसान के लिए समान रूप से खुले रहेंगे। वे धर्म को लोक-कल्याण, सेवा और समाज को एक सूत्र में पिरोने वाले माध्यम के रूप में देखते हैं।

जड़ों से जुड़ने की अनूठी मिसाल

आमतौर पर देखा जाता है कि महानगरों की चकाचौंध में खोने के बाद लोग अपने पैतृक गांवों को भूल जाते हैं। लेकिन ओम प्रकाश गिरि ने दिल्ली में रहते हुए भी अपनी मिट्टी का कर्ज नहीं भुलाया। उनके पैतृक स्थान पर बन रहा मौनी बाबा समाधि स्थल न केवल उस क्षेत्र के लिए आस्था का एक बड़ा केंद्र बनेगा, बल्कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। एक युवा व्यवसायी के रूप में उनकी यह पहल देश के अन्य सफल युवाओं के लिए भी एक संदेश है कि भौतिक तरक्की के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को सहेजना कितना जरूरी है।

समाज सेवा और धर्म का संगम

अध्यात्मिक नजरिए से देखें तो ओम प्रकाश गिरि  का यह कदम सिर्फ ईंट-पत्थरों के ऊंचे ढांचे खड़े करना नहीं है, बल्कि समाज में एक सकारात्मक बदलाव की नींव रखना है। इन 11 मंदिरों के निर्माण के साथ-साथ वे आसपास के क्षेत्रों में कई सामाजिक और धर्मार्थ कार्य भी चला रहे हैं, ताकि शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवा का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंच सके।

एक सफल कॉर्पोरेट लाइफ से निकलकर अध्यात्म और लोक-कल्याण के इस मार्ग पर चलना यह साबित करता है कि ओम प्रकाश गिरि  के लिए संपत्ति का असली मूल्य दूसरों के जीवन में प्रकाश लाना है। आने वाले समय में उनका सराहनीय प्रयास उस पूरे क्षेत्र की पहचान बदलने जा रहा है।

 

युवा उद्यमी ओम प्रकाश गिरि  ने अध्यात्म की राह पर बढ़ाए कदम: मौनी बाबा समाधि स्थल समेत 11 मंदिरों का करा रहे भव्य निर्माण|

विजय यादव निर्देशित प्रेम सिंह और रक्षा गुप्ता की भोजपुरी फिल्म ‘जोरू का गुलाम’ का ट्रेलर ट्रेंडिंग में...

फ़िल्म निर्माता से निर्देशक बने विजय यादव के कुशल निर्देशन में तैयार हुई बहुप्रतीक्षित भोजपुरी फिल्म ‘जोरू का गुलाम’ का धमाकेदार ट्रेलर आखिरकार दर्शकों के बीच आ गया है। रिलीज होते ही इस ट्रेलर ने ऑडियंस के बीच जबरदस्त धूम मचा दी है। सुर म्यूजिक वर्ल्ड प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रस्तुत और सुरिंदर यादव द्वारा निर्मित इस पारिवारिक और मनोरंजक भोजपुरी फिल्म का ट्रेलर ‘सुर म्यूजिक’ के यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया है। फिल्म का कुशल निर्देशन जाने-माने निर्देशक विजय यादव ने किया है, जबकि इसके सह-निर्माता महेन्द्र यादव हैं।

इस फिल्म में मुख्य भूमिका में लोकप्रिय अभिनेता प्रेम सिंह और खूबसूरत अदाकारा रक्षा गुप्ता नजर आ रहे हैं। इसके अलावा फिल्म के मुख्य कलाकारों में विनोद मिश्रा, मनोज द्विवेदी, कंचन मिश्रा, अनीता रावत, स्वीटी सिंह, अनीता ओझा, प्रियंका शर्मा और बबलू लाल जैसे मंझे हुए कलाकार अपनी अदाकारी का जलवा बिखेरते दिखेंगे। फिल्म का संगीत भी बेहद खास है, जिसे सुनील झा और नरेन्द्र सागर ने तैयार किया है। इसके कर्णप्रिय गीतों को स्वर्गीय राजेश मिश्रा और सुनील झा ने लिखा है। इन गीतों को भोजपुरी इंडस्ट्री के दिग्गज सिंगर्स कल्पना पटवारी, मोहन राठौड़, सुगम सिंह, अलका झा और खुशी सिन्हा ने अपनी जादुई आवाज से सजाया है। इस फिल्म को भव्य बनाने में पर्दे के पीछे की टीम का भी बड़ा योगदान है। मुख्य सहायक निर्देशक चंदन सिंह यादव हैं। सहायक निर्देशकों परी रजक व शाहिल गौतम हैं। फिल्म के डीओपी सुनील आहेर, कोरियोग्राफर कानू मुखर्जी हैं। एडिटर गुरजंट सिंह और प्रोमो एडिटर उमेश मिश्रा, पीआरओ रामचन्द्र यादव हैं। डीआई का काम रोहित सिंह और वीएफएक्स आकाश सिंह ने किया है, जबकि पार्श्व संगीत राजा यादव का है। पोस्ट प्रोडक्शन का काम ‘बुन्दा क्रिएशन’ ने बखूबी संभाला है। मेकअप मैन सुनील सिंह व राजेश तिवारी, हेयर ड्रेसर गुड़िया पाण्डेय, कॉस्ट्यूम विद्या विष्णु, ड्रेस सजाद आलम, स्पॉट बॉय अरमान टीम हैं।

ट्रेलर की सफलता को लेकर उत्साहित निर्देशक विजय यादव ने अपनी खुशी साझा करते हुए कहा कि ‘यह फिल्म हमारी पूरी टीम की कड़ी मेहनत और लगन का परिणाम है। ईश्वर की असीम कृपा, हमारे सभी साथी मित्रों के सहयोग और माता-पिता के साथ-साथ जनता जनार्दन के आशीर्वाद से हम एक बेहतरीन और साफ-सुथरा सिनेमा लेकर आ रहे हैं। हमें पूरी उम्मीद है कि ‘जोरू का गुलाम’ दर्शकों के दिलों में अपनी एक खास जगह बनाएगी।’

विजय यादव के निर्देशन में बनी प्रेम सिंह और रक्षा गुप्ता की भोजपुरी फिल्म ‘जोरू का गुलाम’ का ट्रेलर रिलीज, दर्शकों के बीच मचाया धमाल

फ़िल्म “अभिमन्यु – एक शोध” की शूटिंग जुलाई के आखिर में शुरू होगी...

मुम्बई. फ़िल्म अभिमन्यु – एक शोध की शूटिंग इसी माह जुलाई के आखिरी

हफ़्ते में शुरू होगी. इस क्राइम थ्रिलर हिंदी फिल्म के प्रोड्यूसर महेश दरे और डायरेक्टर करण खराडे हैं. फिल्म की कहानी और स्क्रीनप्ले महेश डारे और रसिक खान ने लिखे हैं. सिनेमैटोग्राफर निखिल मोहिते, एडिटर MARS एंटरटेनमेंट हैं.

प्रोडक्शन हाउस MARS एंटरटेनमेंट के बैनर तले बन रही फिल्म  को Iamplex डिजिटल थिएट्रिकल डिस्ट्रीब्यूशन द्वारा प्रेजेंट किया जा रहा है. फिल्म मे कास्ट और क्रू को जल्द ही फ़ाइनल किया जाएगा।

फ़िल्म अभिमन्यु का फर्स्ट पोस्टर जारी किया गया है जो काफी प्रभावी लग रहा है. हिंदी फिल्म के प्रोड्यूसर महेश दरे का कहना है कि फ़िल्म अभिमन्यु की कहानी काफी अलग है और इसका संगीत भी अच्छा होने वाला है.

फ़िल्म “अभिमन्यु – एक शोध” की शूटिंग जुलाई के आखिर में शुरू होगी

 

‘भारत पॉडकास्ट’ बना देश में सबसे ज्यादा देखे जाने वाला डिजिटल पॉडकास्ट चैनल...

नई दिल्ली। डिजिटल मीडिया और पॉडकास्ट की दुनिया में तेजी से अपनी पहचान बना रहा भारत पॉडकास्ट आज देश के सबसे चर्चित पॉडकास्ट प्लेटफॉर्मों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रहा है। सेलिब्रिटी होस्ट दीपक सारस्वत द्वारा शुरू किया गया यह प्लेटफॉर्म सामाजिक, राजनीतिक, आध्यात्मिक, व्यापारिक और समसामयिक मुद्दों पर बेबाक चर्चाओं के कारण लगातार दर्शकों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।

भारत पॉडकास्ट की खास बात यह है कि यहां केवल इंटरव्यू नहीं, बल्कि ऐसे विषयों पर खुलकर चर्चा की जाती है जिन पर अक्सर मुख्यधारा के मंचों पर विस्तार से बात नहीं होती। यही वजह है कि इसकी वीडियो और शॉर्ट क्लिप्स सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होती हैं और करोड़ों लोगों तक पहुंचती हैं। हाल के महीनों में भारत पॉडकास्ट से जुड़े कई वीडियो ने रिकॉर्ड व्यूअरशिप हासिल की है।

भारत पॉडकास्ट के होस्ट दीपक सारस्वत पहले से ही डिजिटल मीडिया की दुनिया का जाना-पहचाना नाम हैं। फिल्म निर्माण, सोशल मीडिया कंटेंट और पॉडकास्टिंग के क्षेत्र में सक्रिय दीपक सारस्वत के विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कुल मिलाकर 50 लाख (5 मिलियन) से अधिक फॉलोअर्स होने का दावा किया जाता है। उनकी बड़ी डिजिटल ऑडियंस का लाभ भारत पॉडकास्ट को भी मिला है, जिससे यह मंच तेजी से देशभर में अपनी पहचान बना रहा है।

डिजिटल कंटेंट की दुनिया में जहां कई बड़े पॉडकास्ट पहले से स्थापित हैं, वहीं भारत पॉडकास्ट ने भी कम समय में अपनी अलग पहचान बनाई है। दर्शकों के बीच इसकी बढ़ती लोकप्रियता इसे देश के प्रमुख हिंदी पॉडकास्ट प्लेटफॉर्मों की चर्चा में ला रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में पॉडकास्ट का बाजार तेजी से बढ़ रहा है और ऐसे समय में भारत पॉडकास्ट ने सामाजिक सरोकारों, आध्यात्मिक विषयों, व्यापार, मनोरंजन, राजनीति और प्रेरणादायक व्यक्तित्वों के साथ गहन बातचीत के माध्यम से अपनी अलग जगह बनाई है।

आने वाले समय में भारत पॉडकास्ट देश के डिजिटल मीडिया क्षेत्र में और भी बड़ी भूमिका निभा सकता है। लगातार बढ़ती दर्शक संख्या, वायरल कंटेंट और प्रभावशाली मेहमानों के साथ यह मंच भारतीय पॉडकास्टिंग की नई पहचान बनता दिखाई दे रहा है।

 

‘भारत पॉडकास्ट’ बना देश में सबसे ज्यादा देखे जाने वाला डिजिटल पॉडकास्ट चैनल