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बागेश्वर बाबा ‘धीरेंद्र शास्त्री’ और विख्यात वक्ता ‘दीपक सारस्वत’ आमने-सामने! पर्चा, चमत्कार और सनातन पर हुए तीखे सवाल-जवाब...

जयपुर, राजस्थान : बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और मशहूर फिल्ममेकर एवं इन्फ्लुएंसर दीपक सारस्वत की खास मुलाकात इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। Bharat Podcast पर हुई इस विशेष बातचीत में दीपक सारस्वत ने महाराज जी के सामने कई ऐसे सवाल रखे, जो अक्सर लोगों के मन में उठते हैं। पर्चा कैसे खुलता है? क्या यह बालाजी का चमत्कार है? क्या सच में अंतर्ज्ञान से किसी अनजान व्यक्ति के बारे में सब कुछ पता चल सकता है? आखिर बागेश्वर धाम में पर्दे के पीछे क्या-क्या होता है?

बातचीत के दौरान दीपक सारस्वत ने पर्चा सिस्टम को लेकर सवाल किया, जिस पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि यह सब बालाजी की कृपा से होता है। उन्होंने इसे अपनी व्यक्तिगत शक्ति मानने के बजाय ईश्वरीय कृपा और अंतर्ज्ञान से जुड़ा बताया।

सामाजिक एकता पर अपनी बात रखते हुए महाराज जी ने कहा कि वह जाति-पाति के भेदभाव से ऊपर उठकर सभी को एक भारतीय के रूप में जोड़ना चाहते हैं। वहीं, बागेश्वर धाम में प्रतिदिन कम से कम 20 हजार लोगों के भोजन की व्यवस्था, अनंत अंबानी के सहयोग और प्रस्तावित निःशुल्क अस्पताल को लेकर भी कई अहम जानकारियां साझा कीं।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जैसी बड़ी हस्तियों के धाम पहुंचने से लेकर आम लोगों के लिए धाम के खुले होने तक, दीपक सारस्वत ने कई मुद्दों पर महाराज जी से सीधे सवाल किए।

क्या पर्चा वास्तव में बालाजी की कृपा से खुलता है? क्या अंतर्ज्ञान से किसी व्यक्ति के मन की बात जानी जा सकती है? और क्या बागेश्वर धाम सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि एक बड़ा सेवा केंद्र भी बन रहा है?

इन तमाम सवालों और जवाबों के लिए देखिए दीपक सारस्वत के साथ पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी की पूरी खास बातचीत, सिर्फ Bharat Podcast पर।

बागेश्वर बाबा ‘धीरेंद्र शास्त्री’ और विख्यात वक्ता ‘दीपक सारस्वत’ आमने-सामने! पर्चा, चमत्कार और सनातन पर हुए तीखे सवाल-जवाब

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से मिले मशहूर इन्फ्लुएंसर दीपक सारस्वत, भारत पॉडकास्ट पर हुई सनातन शक्ति और चमत्कार पर खास बातचीत...

दिल्ली : मशहूर फिल्ममेकर, पॉडकास्टर और इन्फ्लुएंसर दीपक सारस्वत ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच सनातन धर्म, सामाजिक एकता, आध्यात्मिक शक्तियों, बागेश्वर धाम की सेवाओं और भविष्य की योजनाओं को लेकर विस्तार से बातचीत हुई। Bharat Podcast पर प्रसारित इस खास बातचीत में महाराज जी ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य जाति-पाति के भेदभाव से ऊपर उठकर सभी लोगों को एक साथ जोड़ना और उन्हें एक भारतीय के रूप में पहचान दिलाना है।

दीपक सारस्वत से बातचीत के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी ने कहा कि वह ऐसा समाज बनाना चाहते हैं, जहां जाति-पाति और आपसी भेदभाव की जगह सामाजिक एकता हो। उनका उद्देश्य सभी लोगों को सुखी, स्वस्थ और बेहतर जीवन की दिशा में प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि समाज को एकजुट होकर सनातन संस्कृति और भारतीय परंपराओं को आगे बढ़ाना चाहिए।

बागेश्वर धाम में होने वाली सेवाओं को लेकर दीपक सारस्वत के सवाल पर महाराज जी ने बताया कि यहां प्रतिदिन हजारों लोगों के भोजन की व्यवस्था की जाती है। उन्होंने बताया कि धाम में अन्नपूर्णा रसोई के माध्यम से कम से कम 20 हजार लोगों के भोजन की सेवा संचालित होती है। इस सेवा को चलाने में उनके परम मित्र अनंत अंबानी भी सहयोग करते हैं। महाराज जी ने कहा कि बागेश्वर धाम केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों की सेवा और सहायता का भी स्थान है।

बातचीत में उन्होंने बागेश्वर धाम में प्रस्तावित अस्पताल की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि यहां एक अस्पताल खोलने की योजना है, जहां आसपास के क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों में न जाना पड़े।

दीपक सारस्वत ने जब महाराज जी से पूछा कि बागेश्वर धाम में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और देश की कई बड़ी हस्तियां आ चुकी हैं, तो इस पर उन्होंने कहा कि धाम सभी के लिए खुला है। यहां आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का स्वागत है। उन्होंने बताया कि देश के कई प्रतिष्ठित लोग धाम में आ चुके हैं और आगे भी जो लोग बालाजी के दर्शन करना चाहते हैं, उनका स्वागत है।

पॉडकास्ट का सबसे चर्चित हिस्सा वह रहा, जब दीपक सारस्वत ने महाराज जी से उनके चर्चित पर्चा खोलने वाले सिस्टम के बारे में सवाल किया। इस पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी ने बताया कि उनके अनुसार पर्चा बालाजी की कृपा से खुलता है। उन्होंने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत क्षमता का विषय नहीं, बल्कि बालाजी की कृपा और आशीर्वाद है। उनके मुताबिक, कई बार उन्हें सामने बैठे व्यक्ति के बारे में सहज रूप से अंतर्ज्ञान (Intuition) होता है और उसी के आधार पर वह उसकी समस्याओं तथा परिस्थितियों के बारे में बताते हैं।

इस खास मुलाकात में आध्यात्मिक अनुभवों के साथ-साथ सामाजिक एकता, अन्न सेवा, स्वास्थ्य सुविधाओं और मानव कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी ने अपने विचारों के माध्यम से जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर भारतीय पहचान को मजबूत करने और जरूरतमंद लोगों की सेवा करने का संदेश दिया।

Bharat Podcast पर दीपक सारस्वत और पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी की यह विशेष बातचीत सनातन, सामाजिक समरसता, बागेश्वर धाम की सेवाओं और आध्यात्मिक मान्यताओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं को सामने लाती है। देखिए यह खास बातचीत और जानिए बागेश्वर धाम की अन्नपूर्णा रसोई, प्रस्तावित अस्पताल और पर्चा परंपरा से जुड़े महाराज जी के विचार।

 

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से मिले मशहूर इन्फ्लुएंसर दीपक सारस्वत, भारत पॉडकास्ट पर हुई सनातन शक्ति और चमत्कार पर खास बातचीत

11 साल तक नंगे पैर रहे पंडित एम.के. शास्त्री, तंत्र-मंत्र और आध्यात्मिक सिद्धियों को लेकर किए बड़े दावे | Bharat Podcast...

Bharat Podcast: तंत्र-मंत्र के जरिए क्या जीवन की समस्याओं का समाधान संभव है? क्या वर्षों की साधना और तपस्या से आध्यात्मिक सिद्धियां प्राप्त की जा सकती हैं? नई पीढ़ी सनातन संस्कृति और पारंपरिक शिक्षा से दूर क्यों होती जा रही है? इन तमाम सवालों पर पंडित एम.के. शास्त्री ने Bharat Podcast पर खुलकर अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने अपनी आध्यात्मिक यात्रा, तंत्र-मंत्र, धार्मिक अनुष्ठानों और सनातन संस्कृति से जुड़े कई अनुभव साझा किए। उन्होंने दावा किया कि वह धार्मिक साधना के दौरान लगातार 11 वर्षों तक नंगे पैर रहे।

पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान पंडित एम.के. शास्त्री ने बताया कि उन्होंने महाकाल, मां वैष्णो देवी और काल भैरव की आराधना में लंबे समय तक साधना की। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान उन्होंने 11 वर्षों तक जूते-चप्पल नहीं पहने और कठोर धार्मिक अनुशासन का पालन किया। शास्त्री के अनुसार, साधना, तपस्या और आत्मसंयम के माध्यम से उन्होंने आध्यात्मिक सिद्धियां प्राप्त की हैं। हालांकि, अलौकिक शक्तियों और सिद्धियों से जुड़े इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रतिदिन उनके पास लगभग 150 से 200 फोन कॉल आते हैं। लोग पारिवारिक विवाद, पति-पत्नी के बीच अनबन, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों और कथित नकारात्मक शक्तियों जैसी समस्याओं को लेकर उनसे संपर्क करते हैं। शास्त्री ने कहा कि वह अपनी धार्मिक मान्यताओं और पारंपरिक आध्यात्मिक पद्धतियों के आधार पर लोगों को उपाय बताते हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने मां वैष्णो देवी की कृपा से समस्याओं का समाधान करने का दावा करते हुए 1000 प्रतिशत गारंटी जैसी बात भी कही। हालांकि, ऐसे दावों के समर्थन में प्रमाणित वैज्ञानिक साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं।

पंडित एम.के. शास्त्री ने बातचीत के दौरान वशीकरण और मारण जैसी तांत्रिक अवधारणाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने दावा किया कि कुछ तांत्रिक परंपराओं में इन विद्याओं का उल्लेख मिलता है और लोग ऐसी समस्याओं को लेकर उनके पास आते हैं। इसी चर्चा के दौरान उन्होंने बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु को लेकर भी तंत्र-मंत्र से संबंधित एक दावा किया। हालांकि, इस दावे के समर्थन में कोई विश्वसनीय प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया और इसे सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु का स्थापित कारण नहीं माना जा सकता।

पॉडकास्ट में आधुनिक पारिवारिक जीवन और बढ़ते वैवाहिक विवादों पर भी चर्चा हुई। शास्त्री ने पति-पत्नी के बीच बढ़ती दूरियों के लिए भावनात्मक समझ की कमी, संवादहीनता और सोशल मीडिया के अत्यधिक प्रभाव को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी वैवाहिक रिश्ते को मजबूत बनाए रखने के लिए आपसी विश्वास, सम्मान, धैर्य और एक-दूसरे की भावनाओं को समझना बेहद जरूरी है। छोटी-छोटी गलतफहमियों को बढ़ाने के बजाय बातचीत के माध्यम से उनका समाधान निकालना चाहिए।

Bharat Podcast पर हुई इस बातचीत में पंडित एम.के. शास्त्री ने अपनी आध्यात्मिक यात्रा और धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ तंत्र-मंत्र, साधना, गुरुकुल शिक्षा, वैवाहिक संबंधों और पारिवारिक मूल्यों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने सनातन संस्कृति के संरक्षण, नई पीढ़ी को भारतीय संस्कारों से जोड़ने और पारंपरिक शिक्षा व्यवस्था को बढ़ावा देने का संदेश दिया।

11 साल तक नंगे पैर रहे पंडित एम.के. शास्त्री, तंत्र-मंत्र और आध्यात्मिक सिद्धियों को लेकर किए बड़े दावे | Bharat Podcast

रत्नाकर कुमार ने किया प्रस्तुत, माही श्रीवास्तव ने अपने अभिनय से गीत में उतारी छठ महापर्व की श्रद्धा और लोक परंपरा...

मुंबई। लोक आस्था के महापर्व छठ की तैयारियों के बीच भोजपुरी संगीत जगत में भक्ति और श्रद्धा से सराबोर नया गीत ‘छठी मईया बिनती हमार’ रिलीज हो गया है। म्यूजिक कंपनी वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी के बैनर तले रिलीज इस गीत को मशहूर गायिका प्रियंका सिंह ने अपनी मधुर आवाज दी है, जबकि अभिनेत्री माही श्रीवास्तव ने अपने भावपूर्ण अभिनय से गीत को जीवंत बनाया है। इसके निर्माता रत्नाकर कुमार हैं।

‘छठी मईया बिनती हमार’ में छठ व्रत की पवित्रता, सूर्य देव की उपासना और छठी मईया के प्रति अटूट विश्वास को खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया है। गीत में एक भक्त अपने परिवार की सुख-समृद्धि, संतान की लंबी उम्र, घर में खुशहाली और जीवन में सुख-शांति के लिए छठी मईया से विनती करता नजर आता है। घाट पर अर्घ्य देने की तैयारी, व्रतियों की आस्था और छठ के पारंपरिक रीति-रिवाज गीत के भाव को और गहरा बनाते हैं।

इस मौके पर निर्माता रत्नाकर कुमार ने कहा, “छठ महापर्व हमारी संस्कृति, परंपरा और लोक आस्था का प्रतीक है। यह ऐसा पर्व है, जिसमें लोग पूरे परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए छठी मईया और भगवान सूर्य की आराधना करते हैं। हमारी कोशिश रही है कि इस गीत के माध्यम से छठ की पवित्रता और भक्तों की सच्ची भावनाओं को संगीत के जरिए लोगों तक पहुंचाया जाए। उम्मीद है कि यह गीत हर घर और छठ घाट तक पहुंचेगा और श्रोताओं को छठी मईया की भक्ति से जोड़ने का काम करेगा।”

अभिनेत्री माही श्रीवास्तव ने कहा, “छठी मईया का यह गीत मेरे लिए सिर्फ एक म्यूजिक वीडियो नहीं, बल्कि आस्था और भावनाओं से जुड़ा अनुभव है। छठ पर्व में व्रत करने वाली महिलाओं की श्रद्धा, उनका समर्पण और परिवार के लिए उनकी प्रार्थना मन को छू जाती है। इस गीत की शूटिंग के दौरान मैंने कोशिश की कि अपने अभिनय के माध्यम से एक छठ व्रती की भावनाओं और मां के प्रति उसकी भक्ति को सच्चाई के साथ पर्दे पर उतार सकूं।”

वहीं गायिका प्रियंका सिंह ने कहा, “छठी मईया के गीत गाना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। छठ पर्व से हर भोजपुरी परिवार की गहरी भावनाएं जुड़ी हुई हैं। इस गीत को गाते समय मैंने महसूस किया कि इसमें एक बेटी, एक मां और एक भक्त की प्रार्थना समाई हुई है। मेरी कामना है कि छठी मईया सभी के परिवार में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखें और श्रोताओं को मेरी आवाज में यह भजन पसंद आए।”

गीत के संगीतकार आर्या शर्मा और सोनू शर्मा हैं, जबकि इसके बोल सोनू शर्मा ने लिखे हैं। संगीत संयोजन सत्यम सिंह ने किया है। वीडियो का निर्देशन गोल्डी जायसवाल ने किया है। डीओपी राजन वर्मा, कोरियोग्राफर सनी सोनकर, एडिटर आलोक गुप्ता और डीआई रोहित सिंह हैं। प्रोडक्शन की जिम्मेदारी पंकज सोनी ने संभाली है।

छठ पर्व के अवसर पर रिलीज हुआ यह गीत भोजपुरी लोक संस्कृति और भक्ति संगीत की परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास है। ‘छठी मईया बिनती हमार’ अब वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी के आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।

रत्नाकर कुमार ने किया प्रस्तुत, माही श्रीवास्तव ने अपने अभिनय से गीत में उतारी छठ महापर्व की श्रद्धा और लोक परंपरा

डॉ. मुकेश त्यागी ने मॉस्को को मंत्रमुग्ध किया...

राज कपूर और मिथुन चक्रवर्ती की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, मुकेश त्यागी ने रूसी जनता के बीच अपार लोकप्रियता हासिल की। विश्व पीपल्स असेंबली, मॉस्को | 18–19 सितंबर 2026

डॉ. मुकेश त्यागी ने मॉस्को में आयोजित विश्व पीपल्स असेंबली में भारत का प्रतिनिधित्व किया।

इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में 150 देशों के लगभग 5,000 प्रतिष्ठित प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

डॉ. त्यागी ने बॉलीवुड अभिनेता, गायक, भाजपा प्रवक्ता और ब्रिक्स संस्कृति मीडिया फोरम (बीसीएमएफ) के भारत के राष्ट्रीय संयोजक के रूप में सहभागिता की।

उन्होंने ऑस्कर विजेता फिल्म Slumdog Millionaire का प्रसिद्ध गीत ‘जय हो’ अपनी मंत्रमुग्ध कर देने वाली आवाज़ में प्रस्तुत किया और स्टैंडिंग ओवेशन प्राप्त किया।

उन्होंने महात्मा गांधी और रूसी लेखक लियो टॉल्स्टॉय के वैचारिक संबंधों पर प्रेरणादायक भाषण दिया, जिसमें अहिंसा, प्रेम और शांति के दर्शन को रेखांकित किया।

उनके संबोधन ने भारत और रूस की साझा आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को खूबसूरती से प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम का संचालन अलेना डोल्गोपोलोवा ने किया। इसमें फिदेल कास्त्रो के पोते सहित कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय हस्तियां उपस्थित थीं।

उनकी संगीत प्रस्तुति ने भारतीय सिनेमा और संगीत की वैश्विक लोकप्रियता को प्रदर्शित किया।

विश्व पीपल्स असेंबली के प्रमुख आयोजक एवं नेतृत्वकर्ता

* आंद्रेई यूरीयेविच बेल्यानिनोव महासचिव एवं विश्व पीपल्स असेंबली के प्रमुख।

* स्वेतलाना कॉन्स्टेंटिनोव्ना स्मिरनोवा जनरल काउंसिल की अध्यक्ष

* सर्गेई येवगेनियेविच खानुतिन उप महासचिव एवं कार्यकारी निदेशक

भारत लौटने पर डॉ. त्यागी को नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संबंधों और कूटनीति में योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘लीडरशिप इन डिप्लोमेसी अवार्ड’ से सम्मानित किया गया।

उनकी भागीदारी ने भारत-रूस के सांस्कृतिक संबंधों और जन-कूटनीति को नई मजबूती प्रदान की।

छायाकार : रमाकांत मुंडे मुंबई

  

डॉ. मुकेश त्यागी ने मॉस्को को मंत्रमुग्ध किया

गीतकार – संगीतकार अमिताभ रंजन का नया रोमांटिक एंथम वीनस वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स से देव नेगी और इशू शर्मा की आवाज़ में “जाने क्या हो गया” रिलीज़...

मुंबई — वीनस वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स (गणेश जैन जी) ने अपने ‘वीनस ओरिजिनल्स’ बैनर के तहत अपनी नवीनतम रोमांटिक सिंगल, “जाने क्या हो गया” को आधिकारिक रूप से रिलीज़ कर दिया है। यह ट्रैक प्रसिद्ध पार्श्व गायक देव नेगी और प्रतिभाशाली गायिका इशू शर्मा की सुरीली आवाज़ में रिलीज किया गया है।  जो रोमांटिक संगीत प्रेमियों के लिए एक मनमोहक संगीत अनुभव प्रदान करता है।

इस गाने का बेहतरीन संगीत निर्देशन और गीत रचना अमिताभ रंजन ने किया है, जबकि इसके दिल को छू लेने वाले बोल अमिताभ रंजन द्वारा लिखे गए हैं। ट्रैक की दृश्य कहानी (विजुअल नैरेटिव) मीनू कुमारी के निर्देशन में इसके रोमांटिक अंदाज़ को पूरी तरह से पूरा करती है।

संगीत वीडियो में श्रीजीिता भट्टाचार्य और जनक ने अभिनय किया है, जिनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ने विजुअल स्टोरीटेलिंग में एक जीवंत आकर्षण जोड़ा है। अपनी रिलीज़ के बाद से, “जाने क्या हो गया” दर्शकों का दिल जीत रहा है, और दर्शक इसके ऑडियो कंपोज़िशन तथा सिनेमैटिक वीडियो निर्माण दोनों की भरपूर प्रशंसा कर रहे हैं।

यह ट्रैक अब वीनस ओरिजिनल्स चैनल पर सभी प्रमुख प्लेटफॉर्म्स पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध है।

   

गीतकार – संगीतकार अमिताभ रंजन का नया रोमांटिक एंथम वीनस वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स से देव नेगी और  इशू शर्मा की आवाज़ में “जाने क्या हो गया”  रिलीज़